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भाव के भूखे होते हैं भगवान : राजन महाराज
Wed, 05 Mar 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 05 Mar 2025 12:48 AM IST
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लालगंज कस्बा में श्रीमद् भागवत कथा सुनते भक्त।
- फोटो : संवाद
लालगंज (रायबरेली)। गांधी चौराहा स्थित विद्यालय परिसर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास राजन महाराज ने भगवान के 24 अवतारों की कथा सुनाई। संगीतमय कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। कहा कि जो भगवान को भाव से भजता है, भगवान उसी के हो जाते हैं। भगवान तो भाव के भूखे हैं।
कथा व्यास ने भगवान के अलग-अलग अवतारों की महिमा का वर्णन किया। इनमें मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण सहित अन्य अवतारों की लीला शामिल रहीं। बताया कि लोक कल्याण के लिए भगवान नारायण ने कई बार अवतार लिया और पृथ्वी मां का उद्धार किया। इसके बाद कथा में पांडवों के अभिषेक और भगवान श्रीकृष्ण के परमधाम गमन का मार्मिक प्रसंग सुनाया।
कहा कि यदुवंशियों में आपसी कलह बढ़ी तो श्रीकृष्ण ने समुद्र तट पर निवास किया। उन्होंने देखा कि ऋषियों के श्राप के प्रभाव से यदुवंश का विनाश सुनिश्चित है। एक दिन श्रीकृष्ण एक पीपल के वृक्ष के नीचे ध्यानमग्न हो गए। तभी जर नामक शिकारी ने उनके पद्म चिह्न युक्त चरण को हिरण समझकर तीर चला दिया।
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श्रीकृष्ण ने इसे लीला मानकर स्वीकार किया। अपने दिव्य स्वरूप में परमधाम को गमन किया। भावमय कथा प्रसंग सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। इस मौके पर पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह, अमित सिंह, संतोष, विनोद, प्रियंका सिंह, सोनू सिंह, डॉ. अचला सिंह, डॉ. आनंद, विक्की सिंह, देशदीप, अविनाश मौजूद रहे।
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कथा व्यास ने भगवान के अलग-अलग अवतारों की महिमा का वर्णन किया। इनमें मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण सहित अन्य अवतारों की लीला शामिल रहीं। बताया कि लोक कल्याण के लिए भगवान नारायण ने कई बार अवतार लिया और पृथ्वी मां का उद्धार किया। इसके बाद कथा में पांडवों के अभिषेक और भगवान श्रीकृष्ण के परमधाम गमन का मार्मिक प्रसंग सुनाया।
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कहा कि यदुवंशियों में आपसी कलह बढ़ी तो श्रीकृष्ण ने समुद्र तट पर निवास किया। उन्होंने देखा कि ऋषियों के श्राप के प्रभाव से यदुवंश का विनाश सुनिश्चित है। एक दिन श्रीकृष्ण एक पीपल के वृक्ष के नीचे ध्यानमग्न हो गए। तभी जर नामक शिकारी ने उनके पद्म चिह्न युक्त चरण को हिरण समझकर तीर चला दिया।
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श्रीकृष्ण ने इसे लीला मानकर स्वीकार किया। अपने दिव्य स्वरूप में परमधाम को गमन किया। भावमय कथा प्रसंग सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। इस मौके पर पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह, अमित सिंह, संतोष, विनोद, प्रियंका सिंह, सोनू सिंह, डॉ. अचला सिंह, डॉ. आनंद, विक्की सिंह, देशदीप, अविनाश मौजूद रहे।