{"_id":"3f1580163c93b3d622077b0a5a7ccb04","slug":"gnp-project-stopped","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी सपना ही रहेगी जीएनपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी सपना ही रहेगी जीएनपी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 29 Jul 2013 09:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनचाही गैस एजेंसी चुनने की आजादी के लिए उपभोक्ताओं को अभी कुछ और इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
दरअसल कैश आधारित सब्सिडी योजना की तैयारियों के फेर में इस माह से प्रस्तावित गैस नंबर पोर्टेबिलटी(जीएनपी) सेवा को स्थगित कर दिया गया है।
अब दोनों को साथ-साथ लागू करने की योजना है।
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर तक केंद्र की महात्वाकांक्षी कैश बेस सब्सिडी योजना का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के फरमान ने फिलहाल जीएनपी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
इंडियन आयल से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तेल कंपनियां उपभोक्ता हितों से जुड़ी सेवाओं को एक साथ कैश बेस सब्सिडी योजना के साथ ही लागू करने की कवायद में है।
विज्ञापन
घरेलू एलपीजी सप्लाई में गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी से उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए तीनों तेल कंपनियों ने इसी माह से लखनऊ व कानपुर में बतौर पायलट प्रोजेक्ट गैस नंबर पोर्टेबिलटी (जीएनपी) सेवा को शुरू करने की बात कही थी।
विज्ञापन
इसके लिए घरेलू एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी इंडेन, एचपी व बीपी कंपनियों ने बीते मई माह से तैयारियां शुरू करते हुए एजेंसी संचालकों को भी उपभोक्ताओं से जुड़े सभी अभिलेख ऑन लाइन फीडिंग के तहत अपडेट रखने के निर्देश भी जारी किया था।
जीएनपी योजना के तहत किसी गैस एजेंसी की सेवा से संतुष्ट न होने पर उपभोक्ता को बस एक एसएमएस से संबंधित इलाके में स्थित किसी दूसरी इच्छित गैस एजेंसी से जुड़ने का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता दी जानी थी।
इसका उद्देश्य न केवल घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को बेहतर बनाना था वरन गैस एजेंसियों की मनमानी पर भी सख्ती से रोक लगाने का था।
आईओसी के जीएम यूपी सिंह ने बताया कि फिलहाल जीएनपी सेवा लागू करने के लिए तेल कंपनियों ने कोई निश्चित तिथि तय नहीं की है।
अब कैश बेस सब्सिडी योजना के साथ ही इस सेवा को भी लागू किए जाने की तैयारी है।