अमेठी में एक दिन के लिए कोतवाल बनीं छात्राएं, काम और आत्मविश्वास देखकर चकित रह गए अफसर
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अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर छात्राओं में आत्मशक्ति व निर्णय की क्षमता बढ़ाने के लिए नायक फिल्म की तर्ज पर जिले के सभी थानों पर छात्राओं को बाकायदा चार्ज देकर एक दिन की प्रभारी बनाया गया।
प्रभारी बनीं छात्राओं ने थाने पर आए फरियादियों के समस्याओं की सुनवाई कर निस्तारण के लिए मौके पर पुलिस टीम को रवाना किया। यही नहीं सुनवाई के बाद एक दिन की प्रभारी बनीं छात्राएं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर न सिर्फ वाहनों की चेकिंग की बल्कि बिना मास्क व हेलमेट लगाए लोगों को चालान भी किया। एसपी की ओर से बालिका सशक्तीकरण को लेकर की गई इस अनूठी पहल से पुलिस अफसर बनीं छात्राएं उत्साह से लबरेज दिखीं।
मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को स्वालंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुक्रवार को जिले में पुलिस विभाग की ओर से एक नई पहल की गई। एसपी दिनेश सिंह के निर्देश पर दैनिक विवरण साफ्ट पर बकाया चार्ज देने के बाद जिले के सभी थानों में छात्राओं को एक दिन का प्रभारी नामित करते हुए पुलिस कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
इन थानों में इन्हें मिली जिम्मेदारी
गौरीगंज में शिवनायक सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा काजल तो अमेठी में आरआरपीजी कॉलेज की मांसी अग्रवाल, बाजारशुकुल थाने में सृष्टि शुक्ला, पीपरपुर थाने में अंशिका उपाध्याय, कमरौली में इरम, मुसाफिरखाना में मंगलम महिला महाविद्यालय की छात्रा स्वाती तिवारी समेत सभी थानों में छात्राओं को प्रभारी बनाया गया।
थाने में प्रभारी की कुर्सी पर बैठी छात्राओं ने फरियादियों की सुनवाई करते हुए निस्तारण के लिए पुलिस टीम को मौके पर रवाना कराया। यही नहीं एक दिन की प्रभारी बनीं छात्राओं ने सुनवाई के बाद थाना क्षेत्र के चौराहों, बैंकों व भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण करते हुए लोगों से कोविड संक्रमण से बचाव के लिए नियमों का पालन करने की अपील की है।
एसपी ने छात्राओं को कार्यभार के बारे में विस्तार से दी जानकारी
चेकिंग के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन स्वामियों को चालान करते हुए नियमानुसार जुर्माना भी वसूला। एक दिन की थाना प्रभारी बनने वाली छात्राओं को थाने के साथ ही कार्यालय के अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी देकर उनके निर्वहन में सहयोग किया गया।
एसपी की ओर से मिले इस सम्मान से छात्राओं का आत्मबल देख अधिकारी भी गदगद नजर आए। एसपी ने बताया कि थाने पहुंची छात्राओं को विभाग से जुड़े सभी प्रकोष्ठों व उनके कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। कहा कि इससे छात्राओं में आत्मरक्षा व स्वावलंबन के साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।