पिस्टल लेकर स्कूल पहुंचा शिक्षामित्र, चली गई बच्ची की जान
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शिक्षामित्र का मय पिस्टल के स्कूल पहुंचना एक बच्ची के लिए जानलेवा साबित हुआ। क्लास में अचानक गोली चलने से चपेट में आई पांचवीं क्लास की बच्ची की मौत हो गई।
घटना तुर्सी गांव के प्राथमिक विद्यालय की है। इसी गांव में रहने वाले प्रवीन सिंह विद्यालय में शिक्षामित्र के तौर पर तैनात हैं।
शनिवार सुबह वह रोज की तरह स्कूल पहुंचे और दोपहर में पांचवीं की क्लास ले रहे थे। क्लास लेते समय उनके पास अपनी लाइसेंसी पिस्टल मौजूद थी। अचानक पिस्टल चल गई और उससे निकली गोली इसी गांव के रहने वाले राजबहादुर की बेटी रिंकी के सिर में लगी।
गोली की आवाज से पास के कमरे में बच्चों को पढ़ा रहे प्रधानाध्यापक गया प्रसाद दौड़कर क्लास में पहुंचे। प्रधानाध्यापक ने घर वालों को रिंकी को लहूलुहान हालत में लेकर फैजाबाद जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चों से की जाएगी पूछताछ
प्रधानाध्यापक का कहना है कि शिक्षामित्र प्रवीन सिंह के पिस्टल के साथ स्कूल में दाखिल होने की जानकारी नहीं थी। गोली कैसे चली, यह भी स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद शिक्षामित्र के घर वालों ने बताया कि पंचायत चुनाव में लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने की नीयत से वह पिस्टल साथ लाए थे।
स्कूल की ड्यूटी के बाद पिस्टल थाने में जमा करने का इरादा था। छावनी थाने के इंस्पेक्टर आरके गौतम ने बताया कि शिक्षामित्र प्रवीन सिंह के बच्ची के घर वालों के साथ फैजाबाद जिला अस्पताल जाने की जानकारी मिली है। वहां से लौटते ही केस दर्ज करके गिरफ्तार किया जाएगा। घटना की वजह जानने के लिए क्लास में मौजूद रहे बाकी बच्चों से बातचीत की जाएगी।
बस्ती के एसपी कृपाशंकर सिंह का कहना है,शिक्षामित्र के खिलाफ केस दर्ज करके उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही असलहे का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिला प्रशासन को संस्तुति करेंगे।
वहीं बस्ती के बीएसए संतोष कुमार सिंह का कहना है, स्कूल में शस्त्र के साथ जाना गैर कानूनी है। घटना को लेकर ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।