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Lucknow News: बच्ची को नहीं मिला इलाज, एम्स के गेट पर मौत

Tue, 22 Oct 2024 03:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 22 Oct 2024 03:51 AM IST
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Girl did not get treatment, died at AIIMS gate
रायबरेली में सोमवार को गोदी में बच्ची का शव लेकर डीएम दफ्तर में पहुंचा पीडि़त परिवार। 
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में इलाज में लापरवाही का बड़ा मामला उजागर हुआ है। गत रविवार की रात गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई पांच साल की बच्ची की हालत बिगड़ती रही, लेकिन ठीक से इलाज नहीं हुआ। आरोप है कि रात में नर्सें कमरे का दरवाजा बंद कर मोबाइल पर व्यस्त थीं। बार-बार गुहार लगाने के बाद गुस्साए स्टाफ ने सोमवार को सुबह बच्ची को एम्स रेफर कर दिया। एम्स में बेड न होने का कारण बता लखनऊ ले जाने की बात कही गई। घंटों भटकने के बाद भी समुचित इलाज न होने से बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा करके कार्रवाई की मांग की। पिता ने बताया कि यदि ठीक से इलाज होता तो बच्ची की जान बच जाती।
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ऊंचाहार क्षेत्र के जलालपुर मजरे इटौरा बुजुर्ग निवासी अविनाश ने अपनी पांच वर्षीय बेटी महक को रविवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बताते हैं कि बुखार और उल्टी दस्त के कारण बच्ची की हालत नाजुक थी। बच्ची को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। पिता अविनाश का आरोप है कि रात 11 बजे तक एक इंजेक्शन और बोतल लगाया गया। इसके बाद कोई इलाज नहीं किया गया। बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई। रात में नर्स के कक्ष में पहुंचकर बच्ची की हालत बिगड़ने की जानकारी दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कहा कि कल डॉक्टर आएंगे तो दवा लिखेंगे।
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रात 12 बजे के बाद हालत और खराब होने पर स्टाफ को बताने गए तो नर्स की कक्षा का दरवाजा बंद मिला। आरोप लगाया कि अंदर सभी लोग मोबाइल पर व्यस्त मिले। बार-बार खटखटाने के बाद भी कोई बाहर नहीं निकला। इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। सुबह चार बजे बच्ची की हालत खराब होने की बात कही और एम्स के लिए रेफर कर दिया। पिता का आरोप है कि एम्स के गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया। कहा गया कि बेड खाली नहीं है। बच्ची को इलाज कराने के लिए लखनऊ ले जाओ।
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एम्स में बच्ची को भर्ती कराने के लिए घंटों प्रयास करने के बाद भी भर्ती नहीं किया। सुबह बच्ची की मौत हो गई। मौत के बाद बच्ची का शव लेकर परिवार के लोग कलेक्ट्रेट पहुंच गए। डीएम चैंबर के बाहर बैठकर न्याय की गुहार लगाई। डीएम के मौजूद न होने पर एसडीएम रजितराम गुप्ता ने शिकायती पत्र लेकर मामले की जांच कराकर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। एसडीएम का भरोसा मिलने के बाद परिवार के लोग बच्ची का शव लेकर घर चले गए।
मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायती पत्र आते ही मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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कुछ लोग बच्ची का शव लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। रविवार की रात बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद एम्स ले जाया गया था। बच्ची के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। मामले में शिकायती पत्र लिया गया है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- रजितराम गुप्ता, एसडीएम, कलेक्ट्रेट
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