'किसानों के मुद्दों पर राजनीतिक दल करते हैं नौटंकी, आलू बिखेरने से नहीं दूर होगी समस्या'
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केंद्रीय एमएसएमई राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कितनी भी बार किसानों का कर्ज माफ कर दो, आलू सड़क पर बिखेर दो लेकिन इससे किसानों की समस्याओं का हल नहीं निकलेगा। किसानों के चहरों पर खुशी तभी आएगी जब वह सक्षम बनेगा। इसके लिए केवल धान और गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने से भी कुछ नहीं होगा। उसे सामर्थ्यवान बनाने के लिए गैरपरंपरागत खेती की सुविधाएं दी जानी चाहिए। एरोमा मिशन इसमें सहायक हो सकता है।
सीमैप में आयोजित किसान मेला में मुख्य अतिथि गिरिराज सिंह ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेता सिर्फ नौटंकी करते हैं। सड़क पर आलू फेंकने से कुछ नहीं होगा। कुछ नेता तो रात के अंधेरे में किसानों की गरीबी देखने जाते हैं। आलू की फैक्ट्री बनवाते हैं। ऐसे लोग सिर्फ नाटक ही कर सकते हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री का कहना है कि किसानों के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। किसान इस देश की आर्थिक रीढ़ है। उनकी समस्याओं के हल के लिए कोई रास्ता निकालना होगा। हमें दीनदयाल उपाध्याय व राममनोहर लोहिया जैसे जमीन से जुड़े महापुरुषों की नीति पर चलने की जरूरत है। अब तक ऐसा किया गया होता तो हमारे किसानों के चेहरे पर भी चमक होती।
मेंथा किसानों के लिए बनेंगे 300 प्रोसेसिंग यूनिट
गिरिराज सिंह ने कहा, केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय एरोमा मिशन के तहत मेंथा किसानों के लिए 300 प्रोसेसिंग यूनिट बनाकर देगा। यह किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास है। एक प्रोसेसिंग यूनिट किसानों के एक क्लस्टर को दी जाएगी।
गिरिराज सिंह ने कहा कि मुझे बताया गया है कि किसानों की आय बढ़ाने में एरोमा मिशन फायदेमंद हो सकता है। एरोमा मिशन में सगंध तेलों के उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास होने हैं। ऐसे में एरोमा मिशन में देशभर में बन रहे 300 क्लस्टर्स के पास अगर अपनी प्रोसेसिंग यूनिट होगी तो इससे किसानों का लाभ बढ़ जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री को भी किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग करना चाहिए। मेंथा में हम नंबर वन बन चुके हैं लेकिन एरोमा मिशन की मदद से दूसरे सगंध पौधों के उत्पादन में भी हमें ऐसा ही करना होगा। इस दौरान मंत्री ने अश्वगंधा व केवांच की उन्नत किस्में भी जारी की।
वहीं, विशिष्ट अतिथि प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मेंथा से किसानों की आय बढ़ रही है। लेकिन, यही सफलता अगर नींबूघास, रोशाघास जैसी सगंध फसलें भी दें तो इससे किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को इसके लिए भी जागरूक करना होगा कि वह सही फसल चक्र को ही अपनाएं। उन्होंने बताया कि 2019 में यूपी सरकार भी एक अंतर्राष्ट्रीय किसान मेला का आयोजन करने जा रही है। इससे दूसरे देशों में उपयोग हो रही तकनीक की जानकारी हमें मिल पाएगी।