फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Girdhari encounter case: Order to register case against police personnel canceled

गिरधारी एनकाउंटर मामला : पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश रद्द

Fri, 24 Dec 2021 09:13 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 24 Dec 2021 09:13 PM IST
सार

पुलिस हिरासत में उसे हत्या में प्रयुक्त असलहे की बरामदगी करवाने सहारा अस्पताल के पीछे ले जाया गया। जहां वाहन से उतरते समय उसने सिर से दारोगा अख्तर सईद उस्मानी पर हमला कर उनकी सर्विस रिवाल्वर छीन ली और फायरिंग की। वहीं, पुलिस की जवाबी फायरिंग में गिरधारी की भी मौत हो गई।

विज्ञापन
Girdhari encounter case: Order to register case against police personnel canceled
लखनऊ हाईकोर्ट

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हिस्ट्रीशीटर गिरधारी एनकाउंटर मामले में संबंधित टीम के पुलिस कर्मियों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने के आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने यह फैसला राज्य सरकार की पुनरीक्षण याचिका को मंजूर कर सुनाया। याचिका में लखनऊ के सीजेएम के गत 25 फरवरी के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें एनकाउंटर में शामिल तत्कालीन डीसीपी संजीव सुमन समेत टीम के अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था।

विज्ञापन


याची राज्य सरकार की तरफ  से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही का कहना था कि विभूति खंड थाने से संबंधित अजीत सिंह हत्याकांड में वांछित कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ  गिरधारी उर्फ  डॉक्टर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया था। पुलिस हिरासत में उसे गत 15 फरवरी को रात 2.10 बजे हत्या में प्रयुक्त असलहे की बरामदगी करवाने सहारा अस्पताल के पीछे ले जाया गया। जहां वाहन से उतरते समय उसने सिर से दारोगा अख्तर सईद उस्मानी पर हमला कर उनकी सर्विस रिवाल्वर छीन ली और फायरिंग की। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, पुलिस की जवाबी फायरिंग में गिरधारी की भी मौत हो गई। शाही का तर्क  था कि सीजेएम की अदालत ने गिरधारी के भाई की अर्जी पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के अभाव में केस दर्ज करने का प्रश्नगत आदेश दिया है, जो खारिज करने लायक है। 
विज्ञापन


उधर, पक्षकारों के अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने कहा कि प्रश्नगत आदेश पारित करते वक्त निचली अदालत ने अभियोजन स्वीकृति संबंधी प्रावधानों पर गौर नहीं किया, जो साफ तौर पर पुलिस कर्मियों को संरक्षण देते हैं। इसके मद्देनजर सीजेएम का 25 फरवरी का आदेश रद्द किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed