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घोसी उप चुनाव : दलित मतदाता बनेंगे भाग्य विधाता, भाजपा और सपा में कांटे के मुकाबले के आसार, आज हुए 13 नामांकन
Fri, 18 Aug 2023 02:22 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 18 Aug 2023 02:22 PM IST
सार
अगड़े तथा पिछड़े मतदाता भाजपा व सपा में बंटने से दलित मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करेंगे। घोसी के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के दिन तक जो भी राजनीतिक दल दलित वोट बैंक को साधने में सफल रहा बाजी उसी के हाथ लगेगी।
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सुधाकर सिंह और दारा सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मऊ जिले की घोसी विधानसभा क्षेत्र में 5 सितंबर को होने वाले मतदान में भाजपा और सपा के बीच कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने उप चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारा है। अगड़े तथा पिछड़े मतदाता भाजपा व सपा में बंटने से दलित मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करेंगे। घोसी के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के दिन तक जो भी राजनीतिक दल दलित वोट बैंक को साधने में सफल रहा बाजी उसी के हाथ लगेगी।
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घोसी उप चुनाव में भाजपा ने सपा छोड़कर पार्टी में शामिल हुए पूर्व विधायक एवं मंत्री दारा सिंह चौहान को ही प्रत्याशी बनाया है। वहीं सपा ने क्षत्रिय समाज के सुधाकर सिंह पर दांव लगाया है। सुधाकर सिंह 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरे और 2019 में निर्दलीय चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे थे। बृहस्पतिवार को नामांकन के अंतिम दिन तक कुल 17 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है।
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घोसी की कुल आबादी करीब 7,02,235 है। उप चुनाव में 4,30,391 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 2,31,536 पुरूष और 1,98,825 महिला मतदाता है। क्षेत्र में सर्वाधिक करीब 90 हजार दलित मतदाता हैं। इनमें चमार, जाटव, धोबी, खटीक, पासी के मतदाता अधिक हैं। क्षेत्र में करीब 95 हजार मुस्लिम मतदाता बताए जाते हैं इनमें से 50 हजार से अधिक अंसारी हैं।
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पिछड़े वर्ग में 50 हजार राजभर, 45 हजार नोनिया चौहान, करीब 20 हजार मल्लाह निषाद, 40 हजार यादव, 5 हजार से अधिक कोइरी और करीब 5 हजार प्रजापति समाज के मतदाता हैं। अगड़ी जातियों में 15 हजार से अधिक क्षत्रिय, 20 हजार से अधिक भूमिहार, 8 हजार से ज्यादा ब्राह्मण और 30 हजार वैश्य मतदाता हैं।
जानकारों का मानना है कि जातीय वोट बैंक के लिहाज से क्षेत्र में सपा के सुधाकर सिंह और भाजपा के दारा सिंह चौहान के बीच सीधा मुकाबला होगा। बसपा की गैर मौजूदगी में मुस्लिम और यादव वोट बैंक का बड़ा हिस्सा सपा प्रत्याशी के पक्ष में जा सकता है। वहीं सपा को बड़ी संख्या में क्षत्रिय वोट मिलने की उम्मीद है। सपा राजभर, निषाद, भूमिहार, वैश्य और ब्राह्मणों में भी सेंध लगाने का प्रयास करेगी।
वहीं भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह को सजातीय नोनिया चौहान मतदाताओं का साथ मिलेगा। सुभासपा से गठबंधन होने के नाते पार्टी के नेता राजभर समाज और निषाद पार्टी से गठबंधन के चलते निषाद समाज का भी अधिकांश वोट मिलने के प्रति मुतमइन हैं। पार्टी को बड़ी संख्या में भूमिहार, वैश्य और ब्राह्मणों का समर्थन भी मिले की उम्मीद है।
स्थानीय जानकारों का मानना है कि ऐसे में दलित मतदाता ही निर्णायक भूमिका अदा करेंगे। दोनों ही राजनीतिक दल दलितों के बीच पैठ बढ़ाने के साथ उनका मत एवं समर्थन प्राप्त करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।
भाजपा के पसमांदा कार्ड की भी परीक्षा
घोसी विधानसभा क्षेत्र में करीब 90 हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं। इनमें से करीब 50 हजार से अधिक अंसारी मतदाता हैं। भाजपा बीते दो वर्ष से पसमांदा मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास कर रही है। चुनाव नतीजे बताएंगे कि भाजपा पसमांदा मुस्लिम समाज को साधने में कितना सफल रही।
भाजपा की भी बड़ी परीक्षा
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर घोसी उप चुनाव में भाजपा की भी बड़ी परीक्षा है। मऊ लोकसभा क्षेत्र पर अभी बसपा का कब्जा है। भाजपा ने 2024 में मऊ सीट को जीतने के लिए गहन योजना बनाई है। दारा सिंह चौहान को सपा से तोड़कर भाजपा में शामिल करना भी उसी योजना का हिस्सा है। जानकारों का मानना है कि घोसी में जीत से ही लोकसभा चुनाव में भाजपा की राह आसान होगी। घोसी में सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा की भी परीक्षा है।
मुख्तार के समर्थकों का रुख क्या होगा
मऊ जिले को माफिया मुख्तार का गढ़ माना जाता है। घोसी में मुख्तार के सजातीय करीब 50 हजार से अधिक अंसारी मतदाता हैं। मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी 2017 में घोसी से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे थे। प्रदेश सरकार मऊ में अब मुख्तार के आपराधिक साम्राज्य के साथ राजनीतिक गढ़ भी ध्वस्त करने में जुटी है। ऐसे में मुख्तार के समर्थकों के रुख पर भी राजनीतिक विश्लेषकों की नजर रहेगी।
नामांकन के अंतिम दिन 13 प्रत्याशी मैदान में उतरे
मऊ की घोसी सीट पर होने वाले विधानसभा के उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार तक 17 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। बृहस्पतिवार को नामांकन के आखिरी दिन 13 प्रत्याशियों ने अपना पर्चा दाखिल किया। इनमें समाजवादी पार्टी के सुधाकर, पीस पार्टी के सनाउल्लाह, बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रवेंद्र प्रताप सिंह, जन अधिकार पार्टी के अफरोज, निर्दलीय चंद्रजीत, निर्दलीय अरविंद कुमार चौहान, राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के अरविंद कुमार चौहान, निर्दलीय विनय कुमार, निर्दलीय रमेश, पीस पार्टी के सलाउद्दीन, निर्दलीय अरविंद कुमार राजभर, निर्दलीय रामअवतार और अवामी पिछड़ा पार्टी के इस्माइल अंसारी शामिल हैं। वहीं बुधवार तक चार लोगों ने नामांकन किया था, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के दारा सिंह चौहान, जनराज्य पार्टी के सुनील चौहान, आम जनता पार्टी (सोशलिस्ट) के राजकुमार चौहान और जनता क्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) के मुन्नी लाल चौहान शामिल हैं। बता दें कि चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 18 अगस्त को नामांकन पत्रों का परीक्षण होगा, जबकि 21 अगस्त को नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। उपचुनाव के लिए पांच सितंबर को मतदान होगा, जबकि आठ सितंबर को मतगणना का कार्यक्रम है।