आयुष्मान योजना: गोल्डन कार्ड के लिए चक्कर काट रहे लोग, आ रहीं इस तरह की दिक्कतें
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आयुष्मान योजना के लाभार्थी गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं। कभी नेटवर्क की समस्या होने से कार्ड नहीं बन पा रहा है तो कभी प्रमाण पत्रों और आयुष्मान के पत्रों के नामों में हेरफेर से उन्हें लौटा दिया जा रहा है। अकेले इटौंजा इलाके में करीब 80 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को अब तक गोल्डन कार्ड नहीं मिल पाया है।
गौरतलब है कि आयुष्मान योजना के तहत सभी सीएचसी पर निशुल्क गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसी तरह जनसुविधा केंद्र पर 30 रुपया लेकर कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
सुबह से शाम तक इंतजार
ज्यादातर केंद्रों पर इंटरनेट धीमा होने से लोगों को सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है। अटेसुआ गांव के बचान, नौमी लाल, सरोजिनी, छत्रपाल मौर्य सुबह सीएचसी पहुंचे, लेकिन इंटनेट नहीं चलने से उन्हें दिनभर इंतजार करना पड़ा। शाहपुर नजूल की प्रधान बीनू ने बताया कि उनके गांव के अवधेश, रामधनी का भी गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके बाजपेई ने बताया कि इलाके में तीन जनसेवा केंद्र को कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
गांवों में नहीं लग रहे शिविर
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए गांवों में शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है, लेकिन शिविर नहीं लगाए गए हैं। कुनौरा शाहपुर की प्रधान बीनू रावत ने बताया कि गांव में शिविर के लिए कई बार सीएचसी प्रभारी से मांग की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
निगरानी के दिए गए हैं निर्देश
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सीएचसी व जनसुविधा केंद्र पर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। जनसुविधा केंद्रों को अपने इलाके के गांवों में शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी चिकित्सा प्रभारियों को भी शिविर की निगरानी के लिए कहा गया है। कुछ जगह शिविर लगे हैं। जहां शिविर नहीं लगे हैं, उन इलाके के जनसुविधा केंद्र संचालकों को जिला प्रशासन की ओर से नोटिस भेज गया है।
यहां करें शिकायत, दें सुझाव
अब भी लाभार्थियों को विभिन्न तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अमर उजाला ने एक अभियान शुरू की है। इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को सामने लाना और उसके निराकरण की दिशा में काम करना है। आपकी कोई शिकायत, सुझाव हो तो हमें बताएं।
व्हाट्सअप - 8859108092 (सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक)
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