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न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले सामान्य छात्रों को ही होगी शुल्क की भरपाई
Sun, 12 Apr 2020 01:05 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sun, 12 Apr 2020 01:05 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
अब सामान्य वर्ग के उन छात्रों के लिए ही शुल्क की भरपाई होगी, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंक हासिल किए होंगे। इसके लिए समाज कल्याण निदेशालय स्तर पर नई नियमावली तैयार हो रही है। अधिकारियों की मानें तो इसे सत्र 2020-21 से लागू कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार इस वर्ग के दो लाख रुपये तक सालाना इनकम वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। अभी तक लागू व्यवस्था में पहले सरकारी और सहायता प्राप्त सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को शुल्क भरपाई की जाती है, उसके बाद निजी संस्थानों का नंबर आता है।
समाज कल्याण विभाग के सूत्रों के मुताबिक अब अंकों के आधार पर विद्यार्थियों की वरीयता सूची तैयार की जाएगी। न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले ही इस सुविधा के पाने के हकदार होंगे। निजी और सरकारी व सहायता प्राप्त सरकारी शिक्षा संस्थानों का भेद भी खत्म कर दिया जाएगा। समाज कल्याण निदेशालय जल्द ही इस प्रस्तावित नियमावली को शासन को भेजेगा।
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प्रदेश सरकार इस वर्ग के दो लाख रुपये तक सालाना इनकम वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। अभी तक लागू व्यवस्था में पहले सरकारी और सहायता प्राप्त सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को शुल्क भरपाई की जाती है, उसके बाद निजी संस्थानों का नंबर आता है।
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समाज कल्याण विभाग के सूत्रों के मुताबिक अब अंकों के आधार पर विद्यार्थियों की वरीयता सूची तैयार की जाएगी। न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले ही इस सुविधा के पाने के हकदार होंगे। निजी और सरकारी व सहायता प्राप्त सरकारी शिक्षा संस्थानों का भेद भी खत्म कर दिया जाएगा। समाज कल्याण निदेशालय जल्द ही इस प्रस्तावित नियमावली को शासन को भेजेगा।
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