एलडीए का खुलासाः गायत्री प्रसाद की कंपनी कराती है अवैध निर्माण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एलडीए की अवैध निर्माण की सूची में खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति से जुड़ी कंपनी एमजीए का भी नाम है। इस कंपनी का नाम 2011 में ही शामिल किया गया था, मगर अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
लोकायुक्त जांच शुरू होने के बाद प्राधिकरण पर अब दबाव है कि वह मंत्री की कंपनी के नाम पर दर्ज अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करे। वहीं किसान नेता हरिनाम वर्मा ने कहा है कि वह मंत्री की अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगे।
कई जगह ग्राम समाज की भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है। एलडीए की वेबसाइट पर अवैध निर्माण की सूची अपलोड है। इस सूची के आठवें पन्ने पर एमजीए कॉलोनाइजर का नाम तीसरे नंबर पर दर्ज किया गया है।
वर्ष 2011 में ही इस नाम को चिह्नित कर अवैध निर्माण सूची में शामिल किया गया था। इस कंपनी के निदेशक गायत्री प्रसाद प्रजापति ही हैं। आरोप है कि गोमती नगर विस्तार के गांव हरिहरपुर जमीन पर विकास कार्य, सड़क निर्माण और प्लॉटिंग अवैध तरीके से की गई।
कई अवैध कॉलोनियों में मंत्री का रसूख
मामले की सुनवाई एलडीए के न्यायिक विहित प्राधिकारी के सामने गया। सुनवाई के बाद एलडीए ने इस पूरे प्रोजेक्ट को सील कर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए थे, मगर ये आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रहे, अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
किसान नेता हरिनाम वर्मा का आरोप है कि हरिहरपुर में हो रही अवैध प्लॉटिंग के खेल में मंत्री के साथ पूरा एलडीए और जिला प्रशासन भी शामिल है। यहां की कई अवैध प्लॉटिंग में उनकी हिस्सेदारी है।
इसी वजह से एसटीपी के लिए आरक्षित भूमि पर भी जम कर कॉलोनी काटी जा रही हैं। भैसोरा, भरवारा और अन्य गांवों का भी ऐसा ही हाल है। सभी जगह अवैध कॉलोनियां बढ़ती ही जा रही हैं।