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Lucknow News: चेहरे में धंसा मशीन का ब्लेड निकालकर दी नई जिंदगी
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लखनऊ। मशीन से लोहा काटते समय चेहरे में धंसे ब्लेड को केजीएमयू के डॉक्टरों ने सर्जरी से निकालकर कारीगर को नया जीवन दिया है। उसे दुर्घटना के करीब साढ़े तीन घंटे बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था।
ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि अयोध्या निवासी 47 वर्षीय शिव मूरत सिंह लोहे का काम करते हैं। 16 नवंबर की दोपहर करीब 12 बजे लोहा काटते समय मशीन का ब्लेड टूटकर उनके चेहरे में धंस गया। घरवाले उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां डॉ. यादवेंद्र धीर, डॉ. आकांक्षा कुमारी, डॉ. अंजना, डॉ. रामबित, डॉ. लोकेश कुमार की टीम ने तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी।
करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद चेहरे में धंसा ब्लेड निकाला जा सका। विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप तिवारी ने बताया कि ब्लेड से आंख को काफी चोट पहुंची है। आंख की कई नसें कट गईं। नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर मरीज की आंख की रोशनी वापस लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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ऑक्सीजन के लिए लगाई गले में सीटी
डॉ. समीर ने बताया कि घायल के शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही थी। सबसे पहले उसके गले में सीटी लगाई गई, जिससे सांस लेने में आसानी हुई। इसके बाद ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. प्रज्जवल गुप्ता, डॉ. महक वर्मा, नेत्र रोग विभाग के डॉ. गायत्री, डॉ. अंकिता, एनस्थीसिया विभाग के डॉ. अभिजीत, डॉ. दिनेश, डॉ. विनोद समेत अन्य डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी शामिल रही।
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ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि अयोध्या निवासी 47 वर्षीय शिव मूरत सिंह लोहे का काम करते हैं। 16 नवंबर की दोपहर करीब 12 बजे लोहा काटते समय मशीन का ब्लेड टूटकर उनके चेहरे में धंस गया। घरवाले उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां डॉ. यादवेंद्र धीर, डॉ. आकांक्षा कुमारी, डॉ. अंजना, डॉ. रामबित, डॉ. लोकेश कुमार की टीम ने तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी।
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करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद चेहरे में धंसा ब्लेड निकाला जा सका। विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप तिवारी ने बताया कि ब्लेड से आंख को काफी चोट पहुंची है। आंख की कई नसें कट गईं। नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर मरीज की आंख की रोशनी वापस लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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ऑक्सीजन के लिए लगाई गले में सीटी
डॉ. समीर ने बताया कि घायल के शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही थी। सबसे पहले उसके गले में सीटी लगाई गई, जिससे सांस लेने में आसानी हुई। इसके बाद ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. प्रज्जवल गुप्ता, डॉ. महक वर्मा, नेत्र रोग विभाग के डॉ. गायत्री, डॉ. अंकिता, एनस्थीसिया विभाग के डॉ. अभिजीत, डॉ. दिनेश, डॉ. विनोद समेत अन्य डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी शामिल रही।