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Sanjeev Jeeva: जीवा की हत्या से ठीक एक दिन पहले बहराइच से आया था विजय, बड़ा सबूत मिला, इन सवालों के न दिए जवाब
Sat, 10 Jun 2023 09:20 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 10 Jun 2023 09:20 AM IST
सार
गैंगस्टर संजीव जीवा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। शूटर विजय बहराइच से आया था। उसके बाद बस का टिकट मिला है। उसने 24 घंटे में वारदात को अंजाम दे दिया। हालांकि मुख्य सवाल बरकरार हैं। इनके जवाब नहीं मिले हैं।
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Sanjeev Jeeva Murder
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गैंगस्टर जीवा हत्याकांड में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। वारदात से ठीक एक दिन पहले शूटर विजय यादव बहराइच से लखनऊ पहुंचा था। यहां पहुंचने के करीब 24 घंटे बाद उसने जीवा को मौत के घाट उतार दिया था। इस जानकारी का पुलिस सत्यापन कर रही है।
बताया जा रहा है कि शूटर के पास से एक रोडवेज बस का टिकट मिला है। जो बहराइच से लखनऊ का है। ये जानकारी भी सूत्रों पर आधारित है। अफसर इस बारे में किसी तरह का भी बयान देने से बच रहे हैं। बृहस्पतिवार को पूछताछ के दौरान विजय यादव ने बताया था कि वह नेपाल में काफी समय तक रहा।
हत्याकांड को अंजाम देने की पूरी डील वहीं पर की गई। अब पता चला कि वह बहराइच से लखनऊ पहुंचा था। आशंका है कि वह नेपाल से पहले बहराइच और फिर लखनऊ आया हो। उसके मोबाइल नंबर की लोकेशन से इसकी तस्दीक की जा रही है, क्योंकि पूछताछ विजय पुलिस अफसरों को गुमराह करता रहा था।
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इसलिए उसने जो दावे पूछताछ में किए थे उस पर पुलिस बहुत भरोसा नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बयान से संबंधित साक्ष्य नहीं मिल जाते तब तक कुछ कहना संभव नहीं है।
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बताया जा रहा है कि शूटर के पास से एक रोडवेज बस का टिकट मिला है। जो बहराइच से लखनऊ का है। ये जानकारी भी सूत्रों पर आधारित है। अफसर इस बारे में किसी तरह का भी बयान देने से बच रहे हैं। बृहस्पतिवार को पूछताछ के दौरान विजय यादव ने बताया था कि वह नेपाल में काफी समय तक रहा।
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हत्याकांड को अंजाम देने की पूरी डील वहीं पर की गई। अब पता चला कि वह बहराइच से लखनऊ पहुंचा था। आशंका है कि वह नेपाल से पहले बहराइच और फिर लखनऊ आया हो। उसके मोबाइल नंबर की लोकेशन से इसकी तस्दीक की जा रही है, क्योंकि पूछताछ विजय पुलिस अफसरों को गुमराह करता रहा था।
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इसलिए उसने जो दावे पूछताछ में किए थे उस पर पुलिस बहुत भरोसा नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बयान से संबंधित साक्ष्य नहीं मिल जाते तब तक कुछ कहना संभव नहीं है।
चारबाग में ठहरने की चर्चा
सूत्रों ने बताया कि लखनऊ पहुंचकर विजय एक छोटे से होटल में ठहरा था। पुलिस इस तथ्य का भी सत्यापन कर रही है। पता लगा रही है कि वह होटल कौन सा है, जिसमें विजय ने ठिकाना बनाया था। यहीं से वह दूसरे दिन सीधे कोर्ट पहुंचा था। उसे पता था कि जीवा की एससीएसटी कोर्ट में पेशी है।
फुटेज व कॉल डिटेल से पूरा मेवमेंट पता करने की जद्दोजहद
पुलिस की टीमें लगातार सीसीटीवी फुटेज जुटा रही हैं। कोर्ट परिसर के बाहर जहां पर भी विजय दिखा, उसके पीछे के फुटेज खंगाल रही हैं, जिससे विजय का पूरा मूवमेंट पता चल सके। अब तक सौ से अधिक कैमरों के फुटेज पुलिस ने जुटाए हैं।
साथ ही उसकी कॉल डिटेल व लोकेशन भी देख रही है। इससे भी अहम जानकारियां सामने आ सकती है। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर भी चिन्हित किए हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
मुख्य सवाल बरकरार, नहीं मिल सके जवाब
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर उपेंद्र अग्रवाल ने घटना के संबंध में प्रेसवार्ता की, जिसमें उनसे पूछा गया कि विजय यादव ने किसके इशारे पर हत्या की? वह लखनऊ में कहां रुका था? लखनऊ से पहले वह किस शहर में था और यहां कैसे पहुंचा? रिवाॅल्वर उसको किसने मुहैया कराई? हत्या की वजह क्या थी? ऐसे प्रमुख सवालों के जवाब वह नहीं दे सके। उनका कहना था कि तफ्तीश जारी है। इसलिए अभी कुछ भी बोलना ठीक नहीं है।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर उपेंद्र अग्रवाल ने घटना के संबंध में प्रेसवार्ता की, जिसमें उनसे पूछा गया कि विजय यादव ने किसके इशारे पर हत्या की? वह लखनऊ में कहां रुका था? लखनऊ से पहले वह किस शहर में था और यहां कैसे पहुंचा? रिवाॅल्वर उसको किसने मुहैया कराई? हत्या की वजह क्या थी? ऐसे प्रमुख सवालों के जवाब वह नहीं दे सके। उनका कहना था कि तफ्तीश जारी है। इसलिए अभी कुछ भी बोलना ठीक नहीं है।