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Lucknow News: जिस जीपीओ में चला मुकदमा, उसी में काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों की गैलरी

Fri, 21 Feb 2025 02:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2025 02:03 AM IST
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Gallery of martyrs of Kakori train action in the same GPO where the case took place
लखनऊ। अंग्रेजी हुकूमत में काकोरी घटना को अंजाम देने वाले शहीदों पर जिस जीपीओ में मुकदमा चलाया गया था, उसी में शहीदों के शौर्य, पराक्रम से दर्शक रूबरू हो सकेंगे। शहीदों पर केंद्रित डाक टिकट खरीद सकेंगे। इसके लिए यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित गैलरी बनाई गई है, जिसका 27 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उद्घाटन करेंगी।
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बृहस्पतिवार को पोस्टमास्टर जनरल (पीएमजी) सुनील कुमार राय जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर सुशील तिवारी के साथ गैलरी का निरीक्षण करने पहुंचे। पीएमजी ने गैलरी की सजावट, उसमें लगाए गए डाक टिकटों आदि को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि यह गैलरी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से युवाओं को प्रेरित करेगी। यहां काकोरी घटना से लेकर आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले सेनानियों पर जारी किए गए डाक टिकट लगाए गए हैं।
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तब रिंग थिएटर था जीपीओ
अंग्रेजी हुकूमत में जीपीओ रिंग थिएटर था। यहां अब डाक विभाग का प्रधान डाकघर है। इसके अंतर्गत 125 छोटे व बड़े डाकघर आते हैं। जीपीओ में फिलेटली (डाक टिकटों का संग्रह और अध्ययन) का कार्यालय है, जहां पुराने व ऐतिहासिक डाक टिकटों व लिफाफों की खरीदारी की जा सकती है।
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गैलरी का आकर्षण हैं ये शहीद
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित गैलरी में महात्मा गांधी, काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों, वीर सावरकर, खान अब्दुल गफ्फार खान, डॉ. संपूर्णानंद, पंजाबराव देशमुख, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, पी. कक्कन, ए. वैद्यनाथ अय्यर, सरदार अजीत सिंह, पिंगली वेंकैया, सुभद्रा कुमारी चौहान, सरोजिनी नायडू आदि सेनानियों पर जारी टिकटों को प्रदर्शित किया जाएगा।

बवाल बढ़ा तो जीपीओ शिफ्ट हुई थी सुनवाई
काकोरी में ट्रेन से खजाना लूटने के बाद जब क्रांतिकारियों पर मुकदमा चला तो पहले इसकी सुनवाई कैसरबाग स्थित कोठी रोशनुद्दौला में हुई, लेकिन वहां अवाम ने बवाल कर दिया। अंग्रेज डर गए। उन्होंने मुकदमे को रिंग थिएटर में शिफ्ट कर दिया। यही रिंग थिएटर अब जीपीओ है। यहीं क्रांतिकारियों को सजा सुनाई गई थी।
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