लखनऊ मेट्रो पर आतंकी नहीं कर सकेंगे हमला, सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम
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भविष्य में किसी भी तरह के खतरे की आशंका से निपटने के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क की सुरक्षा का फूलप्रूफ खाका तैयार किया गया है। इसके लिए एक मेन ऑपरेशन कंट्रोल रूम बेलदारी लेन में बनाया जाएगा। इसके जरिए न केवल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर समेत आगे बनाए जाने वाले सभी कॉरिडोर का कंट्रोल इसी सेंटर से होगा।
मेट्रो रेल का सिक्योरिटी सेंटर भी यही होगा। किसी भी खतरे के समय पूरा मेट्रो रेल नेटवर्क प्रभावित न हो, इस स्थिति से निपटने के लिए एक बैकअप कंट्रोल सेंटर मदर डिपो में बनाया जा रहा है। ताकि यदि आतंकी हमला हो और उस दौरान मेन कंट्रोल रूम अगर हाइजैक भी हो जा तब भी बैकअप कंट्रोल रूम से नेटवर्क पर लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का नियंत्रण बना रहेगा।
एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने इस बात की जानकारी बुधवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में दी। सहकारिता भवन के पीछे एलएमआरसी को 1.7 एकड़ भूमि एलडीए के जरिए आवंटित किए जाने को लेकर यूपी कैबिनेट का फैसला हो चुका है।
मेट्रो के लिए अलग से बनेगा सिक्योरिटी मुख्यालय
इसके बाद में बहुत जल्द ही प्राधिकरण से इस भूमि की लीज प्राधिकरण के नाम हो जाएगी। इस भूमि पर प्राधिकरण का मेन सिस्टम कंट्रोल सेंटर बनेगा। ये रोलिंग स्टॉक टेंडर का ही हिस्सा होगा। इसका पहले सिविल निर्माण एक अन्य टेंडर के जरिए किया जाएगा। जबकि, बाकी निर्माण रोलिंग स्टॉक के तहत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि, कॉरिडोर बढ़ते जाएंगे और उसके साथ ही यहां मंजिलें बनती जाएंगी। यहां से गाड़ियों का संचालन होगा। बिजली आपूर्ति से जुड़ा पूरा नियंत्रण इसी स्थान से किया जाएगा। यहां पैनल पर गाड़ियों के संचालन उनकी स्थिति को देखा जा सकेगा। कौन सी ट्रेन कहां है और कहां पहुंच रही है।
इसकी सुरक्षा भी जरूरी है।
यहां एलएमआरसी का सिक्योरिटी मुख्यालय भी इसीलिए बनाया जाएगा। कुमार केशव ने बताया कि, कहने को बहुत बड़ी बात है, पर कभी आतंकवादी हमले के दौरान कहीं इस केंद्र पर कब्जा कर के पूरे नेटवर्क को नियंत्रण में लेने की कोशिश न हो, इसलिए एक बैकअप कंट्रोल सेंटर मदर डिपो में भी बनाया जा रहा है।
पहले आठ किलोमीटर का संचालन बैकअप कंट्रोल सेंटर से ही किया जाएगा। जबकि, अगले साल तक मेन कंट्रोल रूम का निर्माण शुरू होगा।