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Lucknow News: दादा से पोते तक... रावण के पुतले बनाने की अनोखी विरासत

Fri, 26 Sep 2025 05:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 05:08 AM IST
सार

लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में नरेश और उनके भाई दशहरे के लिए पिछले 25 वर्षों से विशाल रावण पुतले बना रहे हैं। इस वर्ष ऐशबाग का रावण पांच फीट और ऊंचा, अधिक आकर्षक रूप में तैयार किया जा रहा है।

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From grandfather to grandson... the unique legacy of making effigies of Ravana
न्यू प्रकाशनगर कॉलोनी में दशहरे के िलए पुतले तैयार करते नरेश और उनके भाई। -संवाद

विस्तार

लखनऊ। दशहरे की गहमागहमी, रामलीला मैदान की रौनक और जलते हुए रावण का दृश्य... इन सबके पीछे छुपी है एक परिवार की रोजमर्रा की जद्दोजहद। राजधानी के दुबग्गा क्षेत्र की न्यू प्रकाशनगर कॉलोनी में रहने वाले नरेश और उनके भाई पिछले ढाई दशक से अपने दादा और पिता की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
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करीब 80 साल पहले दादा बाबूलाल ने पुतले बनाने की शुरुआत की थी। फिर पिता गणेश ने इस हुनर को जिंदा रखा। अब नरेश अपने चार भाइयों नरेंद्र, सुरेंद्र, वीरेंद्र और राजेंद्र के साथ मिलकर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतले तैयार करते हैं।
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घर के बाहर गली हो या मकान की छत हर जगह इन दिनों बांस, कागज़, कपड़ा और रंग-बिरंगे कागजों की खनक सुनाई देती है। एक-एक पुतला कई हाथों की मेहनत से आकार लेता है। नरेश बताते हैं कि ये पुतले सिर्फ त्योहार का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी का सहारा हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर रसोई की आग तक सब कुछ इन्हीं से चलता है।
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सालभर छोटे-मोटे बढ़ईगिरी और मोहर्रम पर ताजिया बनाने का काम हो जाता है, लेकिन असली सहारा यही पुतले हैं। जब एक महीने की मेहनत के बाद ऐशबाग मैदान में 60-65 फीट ऊंचा रावण खड़ा होता है तो पूरा परिवार गर्व से भर जाता है। यह परिवार हर साल करीब 12 पुतले बनाता है। कीमत औसतन एक हजार रुपये प्रति फीट के हिसाब से तय होती है।


इस बार पांच फीट और ऊंचा होगा ऐशबाग का रावण
रामलीला कमेटी की मांग पर इस बार ऐशबाग का रावण पांच फीट और ऊंचा होगा। यानी जहां पहले इसकी ऊंचाई 60 फीट थी, वहीं अब 65 फीट का विशालकाय रावण खड़ा होगा। चौड़ाई भी सात से बढ़ाकर साढ़े आठ फीट कर दी गई है। नरेश बताते हैं कि इस बार पुतले का सिर भी बड़ा होगा और रावण की आंखें चमकेंगी। पुतले का यह नया रूप देखने वालों को चौंका देगा।

न्यू प्रकाशनगर कॉलोनी में दशहरे के िलए पुतले तैयार करते नरेश और उनके भाई। -संवाद

न्यू प्रकाशनगर कॉलोनी में दशहरे के िलए पुतले तैयार करते नरेश और उनके भाई। -संवाद

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