{"_id":"647a4d4c2d900af9f3006ce4","slug":"fraudster-is-arrested-fake-document-found-lucknow-news-c-13-lko1018-269955-2023-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सरकारी नौकरी के नाम पर ठगने वाला गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सरकारी नौकरी के नाम पर ठगने वाला गिरफ्तार
विज्ञापन
लखनऊ। एसटीएफ ने बृहस्पतिवार देर रात को विभूतिखंड के भगवती टाॅवर के पास से जालसाज को गिरफ्तार किया। शातिर ने सरकारी नौकरी के नाम पर कई बेरोजगारों को ठगा है।
आरोपी के पास से कई कूटरचित दस्तावेज, नियुक्ति पत्र, मूल अंकपत्र व प्रमाण पत्र, शपथ पत्र व प्रशिक्षण आदेश पत्र बरामद किया है। जालसाज ने 17 जिलों के बेरोजगारों से ठगी की है। इन जिलों के 170 आवदेन पत्र भी बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी मऊ के मटमोहम्मदपुर जगदीशपुर का रामाश्रय है। वर्तमान में चिनहट के कंचनपुर मटियारी में रह रहा था।
विज्ञापन
एक महीने पहले स्वास्थ्य विभाग में कई पदों पर भर्ती के नाम पर उगाही की सूचना मिली थी। एसटीएफ की टीम ने पड़ताल शुरू की तो रामाश्रय का नाम सामने आया।
ठगों के इस गिरोह ने विभूतिखंड के भगवती टॉवर में कार्यालय खोल रखा है। गिरोह यहीं से फर्जी वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों को गुमराह करते थे। फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों की वसूली कर रहे थे।
मुख्य सरगना फरार, तलाश
डिप्टी एसपी धर्मेश शाही के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना कमलेश यादव है। दोनों ने मिलकर मानव विकास स्वास्थ्य सेवा संस्थान खोला। इसकी आड़ में फर्जीवाड़ा का खेल किया। प्रचार के लिए जालसाजों ने इंडियन हेल्थ डॉट इन नाम से फर्जी वेबसाइट भी बना रखी है। रामाश्रय ने बताया कि अपनी संस्था को स्वास्थ्य विभाग की इकाई बताते थे। संस्था में जिला समन्वयक, जिला प्रबंधक, ब्लाक हेल्थ ऑफिसर के पदों पर नियुक्ति का लालच देकर रुपये वसूलते और जाली नियुक्ति पत्र देते थे। लखनऊ व आसपास के जिलों में दो महीने का प्रशिक्षण भी देते हैं। डिप्टी एसपी के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में जालसाजी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने व कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यह हुई बरामदगी
रामाश्रय के पास से 75 स्वास्थ्य सेवा संस्थान के नाम का जाली नियुक्ति पत्र, 18 अभ्यर्थियों के मूल अंकपत्र व प्रमाणपत्र, 36 फर्जी एवं कूटरचित नियुक्ति पत्र की छायाप्रति, 41 शपथ पत्र मय प्रमाण पत्र व प्रशिक्षण आदेश।
इन जिलों में फैला नेटवर्क
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क प्रदेश के 17 जिलों में फैले होने की पुष्टि हुई है। इसमें सुलतानपुर, फारूखाबाद, मुज्जफरनगर, बलिया, फिरोजाबाद, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, चंदौली, महराजगंज, पीलीभीत, हमीरपुर, वाराणसी, अम्बेडकरनगर, देवरिया व आजमगढ़ शामिल हैं। इन जिलों के 170 बेरोजगारों के आवेदन पत्र भी आरोपी के पास से मिले हैं।
विज्ञापन
आरोपी के पास से कई कूटरचित दस्तावेज, नियुक्ति पत्र, मूल अंकपत्र व प्रमाण पत्र, शपथ पत्र व प्रशिक्षण आदेश पत्र बरामद किया है। जालसाज ने 17 जिलों के बेरोजगारों से ठगी की है। इन जिलों के 170 आवदेन पत्र भी बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन
एसटीएफ डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी मऊ के मटमोहम्मदपुर जगदीशपुर का रामाश्रय है। वर्तमान में चिनहट के कंचनपुर मटियारी में रह रहा था।
विज्ञापन
एक महीने पहले स्वास्थ्य विभाग में कई पदों पर भर्ती के नाम पर उगाही की सूचना मिली थी। एसटीएफ की टीम ने पड़ताल शुरू की तो रामाश्रय का नाम सामने आया।
ठगों के इस गिरोह ने विभूतिखंड के भगवती टॉवर में कार्यालय खोल रखा है। गिरोह यहीं से फर्जी वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों को गुमराह करते थे। फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों की वसूली कर रहे थे।
मुख्य सरगना फरार, तलाश
डिप्टी एसपी धर्मेश शाही के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना कमलेश यादव है। दोनों ने मिलकर मानव विकास स्वास्थ्य सेवा संस्थान खोला। इसकी आड़ में फर्जीवाड़ा का खेल किया। प्रचार के लिए जालसाजों ने इंडियन हेल्थ डॉट इन नाम से फर्जी वेबसाइट भी बना रखी है। रामाश्रय ने बताया कि अपनी संस्था को स्वास्थ्य विभाग की इकाई बताते थे। संस्था में जिला समन्वयक, जिला प्रबंधक, ब्लाक हेल्थ ऑफिसर के पदों पर नियुक्ति का लालच देकर रुपये वसूलते और जाली नियुक्ति पत्र देते थे। लखनऊ व आसपास के जिलों में दो महीने का प्रशिक्षण भी देते हैं। डिप्टी एसपी के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में जालसाजी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने व कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यह हुई बरामदगी
रामाश्रय के पास से 75 स्वास्थ्य सेवा संस्थान के नाम का जाली नियुक्ति पत्र, 18 अभ्यर्थियों के मूल अंकपत्र व प्रमाणपत्र, 36 फर्जी एवं कूटरचित नियुक्ति पत्र की छायाप्रति, 41 शपथ पत्र मय प्रमाण पत्र व प्रशिक्षण आदेश।
इन जिलों में फैला नेटवर्क
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क प्रदेश के 17 जिलों में फैले होने की पुष्टि हुई है। इसमें सुलतानपुर, फारूखाबाद, मुज्जफरनगर, बलिया, फिरोजाबाद, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, चंदौली, महराजगंज, पीलीभीत, हमीरपुर, वाराणसी, अम्बेडकरनगर, देवरिया व आजमगढ़ शामिल हैं। इन जिलों के 170 बेरोजगारों के आवेदन पत्र भी आरोपी के पास से मिले हैं।