{"_id":"5d9e33338ebc3e015e1b7142","slug":"fraudster-arrested-lucknow-news-lko4859470192","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर संस कंपनी के एमडी का ड्राइवर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर संस कंपनी के एमडी का ड्राइवर गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालसाज आर संस कंपनी के एमडी का ड्राइवर गिरफ्तार, ठगी के 22 मुकदमों में है आरोपी
ईएमआई पर प्लॉट का झांसा देकर 500 करोड़ रुपये से अधिक रकम डकारने वाली आर संस इन्फ्रा कंपनी के एमडी आशीष श्रीवास्तव के ड्राइवर रामसेवक को गोेमतीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
रामसेवक के खिलाफ ठगी के 22 मुकदमे दर्ज हैं। इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि कंपनी के एमडी आशीष ने रामसेवक के नाम से काफी जमीनों की रजिस्ट्री करा रखी थी।
उससे पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। फिलहाल रामसेवक को जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि रामसेवक मूलरूप से बाराबंकी का रहने वाला है। वह कंपनी के एमडी आशीष की कार चलाने के साथ ही उसका विश्वासपात्र व ठगी के धंधे में सहयोगी था।
विज्ञापन
आशीष को 22 मई को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है जबकि रामसेवक के अलावा 15 से अधिक आरोपी आजाद घूम रहे थे।
बीती दो अक्तूबर को ठगी के शिकार लोगों ने सिग्नेचर बिल्डिंग स्थित पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था जिसके बाद पुलिस पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था।
मालूम हो कि आर संस कंपनी ने देवा रोड, गोसाईंगंज और रहमतमनगर में जीवनदीप सिळी व प्रखर सिटी के नाम से योजनाओं का झांसा देकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोगों को ठगा था।
कंपनी के एमडी व अन्य अधिकारियों पर गोमतीनगर समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। ठग आशीष ने लखनऊ में गोमतीनगर के अलावा गोरखपुर, अयोध्या, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और गाजीपुर में भी ऑफिस खोलकर ठगी का धंधा किया।
40 लोगों से धोखाधड़ी का केस दर्ज
गोमतीनगर थाना में आर संस कंपनी के खिलाफ 40 और लोगों ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि अयोध्या की सरयूविहार कॉलोनी निवासी डॉ. अंकित श्रीवास्तव ने वर्ष 2010 में आर संस कंपनी से तीन प्लॉट बुक कराए गए थे। उन्होंने प्लॉट की किस्तों के रूप में 11 लाख रुपये का भुगतान किया। इसी तरह सिकंदर लाल समेत 40 अन्य लोगों ने भी कंपनी को प्लॉट के नाम पर रुपया दिया था। न रुपया वापस मिला न ही प्लाट मिला। पीड़ितों की तरफ से केस दर्ज करके पुलिस जांच कर रही है।
आशीष की पत्नी-बेटियों के खिलाफ भी हैं एफआईआर
आर संस कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव की पत्नी व बेटियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि आशीष की पत्नी सुषमा, बेटी सिमरन और अंजली तथा अन्य रिश्तेदार भी कंपनी में शामिल हैं। उनके खिलाफ भी ठगी के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
इनकी तलाश जारी
तबस्सुम, उसकी बहन तरन्नुम, सुशील श्रीवास्तव, तरुण सिन्हा, अंकुर श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, गोरखपुर निवासी मुकेश शाही, प्रीति शाही, सुनील पांडेय, प्रवीण कुमार पांडेय, दिलीप कुमार पांडेय, अखंड बाजपेयी।
विज्ञापन
ईएमआई पर प्लॉट का झांसा देकर 500 करोड़ रुपये से अधिक रकम डकारने वाली आर संस इन्फ्रा कंपनी के एमडी आशीष श्रीवास्तव के ड्राइवर रामसेवक को गोेमतीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
रामसेवक के खिलाफ ठगी के 22 मुकदमे दर्ज हैं। इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि कंपनी के एमडी आशीष ने रामसेवक के नाम से काफी जमीनों की रजिस्ट्री करा रखी थी।
विज्ञापन
उससे पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। फिलहाल रामसेवक को जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि रामसेवक मूलरूप से बाराबंकी का रहने वाला है। वह कंपनी के एमडी आशीष की कार चलाने के साथ ही उसका विश्वासपात्र व ठगी के धंधे में सहयोगी था।
विज्ञापन
आशीष को 22 मई को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है जबकि रामसेवक के अलावा 15 से अधिक आरोपी आजाद घूम रहे थे।
बीती दो अक्तूबर को ठगी के शिकार लोगों ने सिग्नेचर बिल्डिंग स्थित पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था जिसके बाद पुलिस पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था।
मालूम हो कि आर संस कंपनी ने देवा रोड, गोसाईंगंज और रहमतमनगर में जीवनदीप सिळी व प्रखर सिटी के नाम से योजनाओं का झांसा देकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोगों को ठगा था।
कंपनी के एमडी व अन्य अधिकारियों पर गोमतीनगर समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। ठग आशीष ने लखनऊ में गोमतीनगर के अलावा गोरखपुर, अयोध्या, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और गाजीपुर में भी ऑफिस खोलकर ठगी का धंधा किया।
40 लोगों से धोखाधड़ी का केस दर्ज
गोमतीनगर थाना में आर संस कंपनी के खिलाफ 40 और लोगों ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि अयोध्या की सरयूविहार कॉलोनी निवासी डॉ. अंकित श्रीवास्तव ने वर्ष 2010 में आर संस कंपनी से तीन प्लॉट बुक कराए गए थे। उन्होंने प्लॉट की किस्तों के रूप में 11 लाख रुपये का भुगतान किया। इसी तरह सिकंदर लाल समेत 40 अन्य लोगों ने भी कंपनी को प्लॉट के नाम पर रुपया दिया था। न रुपया वापस मिला न ही प्लाट मिला। पीड़ितों की तरफ से केस दर्ज करके पुलिस जांच कर रही है।
आशीष की पत्नी-बेटियों के खिलाफ भी हैं एफआईआर
आर संस कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव की पत्नी व बेटियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि आशीष की पत्नी सुषमा, बेटी सिमरन और अंजली तथा अन्य रिश्तेदार भी कंपनी में शामिल हैं। उनके खिलाफ भी ठगी के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
इनकी तलाश जारी
तबस्सुम, उसकी बहन तरन्नुम, सुशील श्रीवास्तव, तरुण सिन्हा, अंकुर श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, गोरखपुर निवासी मुकेश शाही, प्रीति शाही, सुनील पांडेय, प्रवीण कुमार पांडेय, दिलीप कुमार पांडेय, अखंड बाजपेयी।