{"_id":"5c063196bdec2241b054e2d0","slug":"fraud-in-the-name-of-job-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सचिव बता नौकरी के नाम पर लाखों ठगे, रकम वापस मांगने पर देने लगा धमकी, सामने आया फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सचिव बता नौकरी के नाम पर लाखों ठगे, रकम वापस मांगने पर देने लगा धमकी, सामने आया फर्जीवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:19 PM IST
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लखनऊ में जालसाज ने खुद को शिक्षा विभाग में सचिव बताकर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर एटा के पांच बेरोजगारों से 25 लाख रुपये ठग लिए। थाने पर सुनवाई न होने के बाद पीड़ितों ने मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद एसएसपी ने कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने धोखाधड़ी व धमकाने का केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह ने बताया कि एटा के संकीट निवासी राम नरेश के मुताबिक, सिविल अस्पताल के सामने एएफ टॉवर में एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात दुर्गेश यादव से हुई।
दुर्गेश भी एटा का रहने वाला है। उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और तैनाती शिक्षा विभाग में बतौर सचिव बताई। उसने कहा कि प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्ति निकली है। वह आसानी से नियुक्ति करा देगा। इसके लिए प्रत्येक युवक को पांच-पांच लाख रुपये देने होंगे।
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इस पर राम नरेश, उसके परिचित सुरजीत, ब्रिजेश, रिंकू सहित पांच लोगों ने 25 लाख रुपये दुर्गेश को 2017 में दिए।
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इसके बाद एसएसपी ने कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने धोखाधड़ी व धमकाने का केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह ने बताया कि एटा के संकीट निवासी राम नरेश के मुताबिक, सिविल अस्पताल के सामने एएफ टॉवर में एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात दुर्गेश यादव से हुई।
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दुर्गेश भी एटा का रहने वाला है। उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और तैनाती शिक्षा विभाग में बतौर सचिव बताई। उसने कहा कि प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्ति निकली है। वह आसानी से नियुक्ति करा देगा। इसके लिए प्रत्येक युवक को पांच-पांच लाख रुपये देने होंगे।
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इस पर राम नरेश, उसके परिचित सुरजीत, ब्रिजेश, रिंकू सहित पांच लोगों ने 25 लाख रुपये दुर्गेश को 2017 में दिए।
पुलिस ने केस दर्ज करने पर किया खेल
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एसएसपी के आदेश के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज करने में खेल किया। पीड़ितों ने जालसाज द्वारा तैयार किए गए फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाने के बावजूद जाली सरकारी दस्तावेज तैयार करने और धमकी की धारा में पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक पीड़ितों ने जो तहरीर दी है। उसके आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पीड़ितों ने बताया कि तहरीर लेकर हजरतगंज थाने पहुंचे तो जांच की बात कहकर टाल दिया गया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में की तो एसएसपी को कार्रवाई का आदेश हुआ। एसएसपी कलानिधि नैथानी से मुलाकात कर सभी फर्जी दस्तावेज दिखाए। इस पर एसएसपी ने हजरतगंज कोतवाली को कार्रवाई का आदेश दिया।
पीड़ितों ने बताया कि कुछ दिन बाद दुर्गेश ने नियुक्ति होने की जानकारी दी। इसके अलावा कुछ लोगों को उसने रेलवे में भी नौकरी दिलाने की बात कही थी। उनको भी नियुक्ति पत्र देने को बुलवाया था। रेलवे में नौकरी की उम्मीद के साथ आए बेरोजगारों को दुर्गेश ने कुछ दिन बाद फर्जी चिकित्सकीय जांच पत्र, फर्जी पुलिस जांच रिपोर्ट और नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग के लिए कोलकाता भेजा। जब युवक ट्रेनिंग सेंटर पर पहुंचे तो वहां सभी दस्तावेज फर्जी निकले और उन्हें भगा दिया गया।
पीड़ितों के मुताबिक, लखनऊ पहुंचकर जालसाज के सिविल अस्पताल स्थित कार्यालय पहुंचे और नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की जानकारी दी। इस पर जालसाज अधिकारियों से बात करने का झांसा देकर टरकाता रहा। दबाव बनाने पर धमकाने लागा।
प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक पीड़ितों ने जो तहरीर दी है। उसके आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पीड़ितों ने बताया कि तहरीर लेकर हजरतगंज थाने पहुंचे तो जांच की बात कहकर टाल दिया गया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में की तो एसएसपी को कार्रवाई का आदेश हुआ। एसएसपी कलानिधि नैथानी से मुलाकात कर सभी फर्जी दस्तावेज दिखाए। इस पर एसएसपी ने हजरतगंज कोतवाली को कार्रवाई का आदेश दिया।
पीड़ितों ने बताया कि कुछ दिन बाद दुर्गेश ने नियुक्ति होने की जानकारी दी। इसके अलावा कुछ लोगों को उसने रेलवे में भी नौकरी दिलाने की बात कही थी। उनको भी नियुक्ति पत्र देने को बुलवाया था। रेलवे में नौकरी की उम्मीद के साथ आए बेरोजगारों को दुर्गेश ने कुछ दिन बाद फर्जी चिकित्सकीय जांच पत्र, फर्जी पुलिस जांच रिपोर्ट और नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग के लिए कोलकाता भेजा। जब युवक ट्रेनिंग सेंटर पर पहुंचे तो वहां सभी दस्तावेज फर्जी निकले और उन्हें भगा दिया गया।
पीड़ितों के मुताबिक, लखनऊ पहुंचकर जालसाज के सिविल अस्पताल स्थित कार्यालय पहुंचे और नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की जानकारी दी। इस पर जालसाज अधिकारियों से बात करने का झांसा देकर टरकाता रहा। दबाव बनाने पर धमकाने लागा।