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सचिवालय कर्मी से मकान दिलाने के नाम पर 9 लाख ठगे
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लखनऊ। सचिवालय में तैनात चालक को एलडीए में मकान दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने 9 लाख रुपये ठग लिए। जालसाज ने खुद को एलडीए में वरिष्ठ लिपिक बताया था। पीड़ित को जब मकान नहीं मिला तो उसने रुपये वापस मांगे। इस पर जालसाज ने उसे धमकी देनी शुरू कर दी। पीड़ित ने हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक, कैंट के सदर बाजार निवासी अशोक कुमार दास सचिवालय में चालक के पद पर तैनात हैं। अशोक के मुताबिक, कुछ दिन पहले वे एलडीए कार्यालय गए थे जहां उनकी मुलाकात रमेश चंद्र अवस्थी से हुई थी। उसने खुद को एलडीए में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत बताया। बातचीत के दौरान रमेश ने वृंदावन योजना में मकान दिलाने की बात कही। इसके लिए एक फॉर्म भी भरवाया गया। रमेश ने इसके लिए 9 लाख रुपये जमा करने को कहा। अप्रैल में रमेश ने मकान आवंटित होने की जानकारी दी।
इसके साथ ही एक सूची दिखाई जिसमें अशोक कुमार दास का नाम भी था। आरोपी ने बताया कि कोरोना के कारण जुलाई में आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे पहले रुपये जमा करने होंगे। झांसे में आकर अशोक ने रमेश के बताए खाते में 9 लाख रुपये जमा कर दिए। जुलाई का गुजर गया लेकिन आवंटन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जब रमेश से संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद आने लगा। एलडीए कार्यालय पहुंच कर पूछताछ करने पर धोखाधड़ी किए जाने का पता चला।
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एसीएस होम से की शिकायत
पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने इसकी शिकायत सचिवालय के उच्चाधिकारियों से की। अधिकारियों के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव गृह से इस संबंध में पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। अपर मुख्य सचिव गृह के निर्देश पर हजरतगंज थाने में जालसाज रमेश चंद्र अवस्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
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प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक, कैंट के सदर बाजार निवासी अशोक कुमार दास सचिवालय में चालक के पद पर तैनात हैं। अशोक के मुताबिक, कुछ दिन पहले वे एलडीए कार्यालय गए थे जहां उनकी मुलाकात रमेश चंद्र अवस्थी से हुई थी। उसने खुद को एलडीए में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत बताया। बातचीत के दौरान रमेश ने वृंदावन योजना में मकान दिलाने की बात कही। इसके लिए एक फॉर्म भी भरवाया गया। रमेश ने इसके लिए 9 लाख रुपये जमा करने को कहा। अप्रैल में रमेश ने मकान आवंटित होने की जानकारी दी।
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इसके साथ ही एक सूची दिखाई जिसमें अशोक कुमार दास का नाम भी था। आरोपी ने बताया कि कोरोना के कारण जुलाई में आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे पहले रुपये जमा करने होंगे। झांसे में आकर अशोक ने रमेश के बताए खाते में 9 लाख रुपये जमा कर दिए। जुलाई का गुजर गया लेकिन आवंटन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जब रमेश से संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद आने लगा। एलडीए कार्यालय पहुंच कर पूछताछ करने पर धोखाधड़ी किए जाने का पता चला।
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एसीएस होम से की शिकायत
पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने इसकी शिकायत सचिवालय के उच्चाधिकारियों से की। अधिकारियों के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव गृह से इस संबंध में पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। अपर मुख्य सचिव गृह के निर्देश पर हजरतगंज थाने में जालसाज रमेश चंद्र अवस्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।