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लखनऊ इंदिरानगर पुलिस ने 250 लोगों का चार करोड़ रुपया लेकर भागी चिट फंड कंपनी रियल विजन नेशनल कॉरपोरेशन लिमिटेड के संचालक दीपक कुमार अग्रहरि को बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
एसओ नोवेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि इलाहाबाद के मऊआईमा गांव निवासी दीपक और उसके पांच साथियों ने 2011 में मुंशी पुलिया चौराहा स्थित सिद्दीकी प्लाजा में कंपनी का ऑफिस शुरू किया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। बाकी साथियों की तलाश की जा रही है।
एसओ ने बताया कि दीपक और उसके साथी उड़ीसा निवासी सुधीर कुमार बोहरा, अजीत कुमार साहू, सुहास, मनोज और सुक्रांत ने मिलकर कंपनी शुरू की थी। संचालकों ने पांच साल में रकम दोगुनी करने सहित एफडी और आरडी के कई आकर्षक ऑफर देकर सैकड़ों लोगों से रकम जमा कराई।
दो साल तक कंपनी ने लोगों का रुपया जमा किया और 2013 को बोरिया-बिस्तर समेटकर गायब हो गए। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रवींद्र नाथ सिंह कर रहे थे। मुखबिरों से दीपक कुमार के यहां कृष्णानगर के सुभाषनगर स्थित राजा भाई के मकान में किराये पर रहने की जानकारी मिली थी।
सुबह करीब पौने नौ बजे उसके इंदिरानगर के सेक्टर आठ चौराहे आने की सूचना मिली। इसके बाद उपनिरीक्षक रवींद्र नाथ सिंह, धर्मेंद्र सिंह चौहान, आरक्षी उदित नारायण सिंह और शमशाद खान ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
ढाई सौ से ज्यादा लोगों को बनाया निशाना
एसओ ने बताया कि सभी छह नामजद आरोपियों में यह पहली गिरफ्तारी है। दीपक के खिलाफ सिर्फ इंदिरानगर थाने में ही धोखाधड़ी की 10 एफआईआर दर्ज हैं। इसमें से नौ बीते वर्ष की हैं जबकि एक मामला इसी वर्ष लिखा गया है।
विवेचक ने बताया कि चिट फंड कंपनी के संचालकों ने दो साल के दौरान राजधानी व आसपास के जनपदों से 250 से अधिक लोगों को निशाना बनाया। इनसे करीब तीन से चार करोड़ रुपये ठगे जाने की आशंका है। फिलहाल पुलिस के पास दस शिकायतकर्ता हैं। दीपक की गिरफ्तारी की जानकारी पाकर और शिकायतकर्ता सामने आएंगे।
दीपक कुमार अग्रहरि ने ठगी की रकम से ऑनलाइन रीचार्ज का कारोबार शुरू किया था। उपनिरीक्षक रवींद्र नाथ सिंह ने बताया कि उसका अधिकांश काम कृष्णानगर और आशियाना क्षेत्र में था।
इसलिए वह वहीं किराये का मकान लेकर रह रहा था। पकड़े जाने के डर से वह काफी सतर्क रहता था। बीते तीन साल के दौरान उसने आठ से ज्यादा मकान और कई मोबाइल नंबर बदले। पुलिस दीपक के बैंक अकाउंट व अन्य संपत्तियों का ब्यौरा खंगाल रही है।
इन लोगों ने दर्ज कराई थी एफआईआर
इंदिरानगर निवासी मनीष निगम और उनकी पत्नी अर्चना से 6.50 लाख रुपये
बालागंज निवासी संतोष कुमार सक्सेना व उनकी पत्नी कनक से 1.10 लाख रुपये
इंदिरानगर सी ब्लाक में रहने वाली रामरती देवी से एक लाख रुपये
चिनहट की दयाल रेजिडेंसी निवासी विष्णु शर्मा से 77 हजार रुपये
इंदिरानगर सी ब्लॉक के मनोज कुमार से तीन हजार रुपये