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पहले शुरू कराई मोबाइल बैंकिंग सेवा, फिर रिटायर्ड जज के खाते से उड़ाए 11.87 लाख
Sun, 24 Nov 2019 05:21 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 24 Nov 2019 05:21 PM IST
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लखनऊ के महानगर की न्यू हैदराबाद कॉलोनी निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीसी सक्सेना के कर्मचारी हुसड़िया निवासी पंकज विहान ने फर्जीवाड़ा कर 11.87 लाख लाख रुपये हड़प लिए। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की पत्नी माया सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश और उनकी पत्नी काफी बुजुर्ग हैं इसलिए अपनी देखरेख के लिए गोमतीनगर के विनयखंड स्थित पोर्शिया हील एट होम एजेंसी के मैनेजर नरेंद्र कुमार से एक व्यक्ति को भेजने को कहा। नरेंद्र ने तीन सितंबर को हुसड़िया निवासी पंकज विहान को उनके घर भेजा। कुछ ही दिन बाद बुजुर्ग दंपती ने पंकज को पर्स से रुपये चोरी करते हुए पकड़ लिया।
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बकौल माया सक्सेना, उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों से शिकायत की तो पंकज को हटाकर दूसरा कर्मचारी भेज दिया गया। कुछ दिन पहले उन्होंने सिंडीकेट बैंक स्थित संयुक्त खाते का एक चेक किसी को दिया था जो बाउंस हो गया। वह 20 नवंबर को बैंक पहुंची और स्टेटमेंट निकलवाया तो होश उड़ गए।
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पता चला कि छह सितंबर से 10 नवंबर के बीच उनके खाते से 11.87 लाख लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। उक्त खाता पंकज विहान का पाया गया। माया सक्सेना का कहना है कि पंकज विहान ने उनके पति के जाली हस्ताक्षर बनाकर बैंक को एक प्रार्थनापत्र दिया और पति के मोबाइल नंबर पर मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करा दी।
इसके बाद धीरे-धीरे वह खाते से रुपये निकालता गया। इस फर्जीवाड़े में पोर्शिया हील एट होम एजेंसी का मैनेजर नरेंद्र भी शामिल है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।