सीएम ऑफिस में पावर कट की जांच पूरी, चार अफसर दोषी
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मुख्यमंत्री कार्यालय के नए परिसर लोक भवन की बिजली गुल होने के मामले में मुख्य अभियंता सहित लेसा के चार अफसर दोषी पाए गए हैं। जांच अधिकारी ने एसडीओ शैलेंद्र कुमार को सर्वाधिक लापरवाह माना है।
मध्यांचल निगम के प्रबंध निदेशक एसपी पांडेय के मुताबिक, जांच अधिकारी निदेशक तकनीकी सुधीर कुमार वर्मा ने शुक्रवार को जांच रिपोर्ट सौंपी।
इसमें एसडीओ शैलेंद्र कुमार और एक्सईएन पीके सिंह की लापरवाही के चलते सीएम सचिवालय की बिजली गुल होने की वजह बताई गई है।
उन्होंने बताया कि अधीक्षण अभियंता (हुसैनगंज) ने मुख्य अभियंता से सलाह लिए बिना ही 10 अक्तूबर की बिजली बंदी की सूचना प्रकाशित करा दी।
बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने में बरती लापरवाही
अधीक्षण अभियंता जीडी द्विवेदी ने एक्सईएन को इमरजेंसी में बिजली बंदी वाले दिन अवकाश दे दिया और खुद बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में लापरवाही बरती। उन्होंने बताया कि शैलेंद्र कुमार और जीडी द्विवेदी पहले ही हट चुके हैं, अब पीके सिंह हटाए जाएंगे और मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार को चेतावनी मिलेगी।
सरकारी रिकॉर्ड में हटे, पर लेसा में डटे रहे
बत्ती गुल होने के मामले में मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार सहित तीन अफसरों को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर हटा दिया गया था।
मध्यांचल निगम के आशुतोष कुमार का परिविस्तारण आदेश निरस्त करते हुए उनको मुख्यालय में अटैच कर दिया गया।
उनका कार्य लखनऊ जोन के एके श्रीवास्तव को सौंपा गया। मुख्य अभियंता सरकारी रिकॉर्ड में हट चुके हैं पर डटे तो लेसा में ही हैं।