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लिफ्ट में खराबी के लिए बनी जांच कमेटी, 24 घंटे में रिपोर्ट

Sun, 20 Dec 2015 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 20 Dec 2015 01:53 AM IST
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Four member team to investigate lift incident.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद डिम्पल यादव के विधानमंडल भवन की वीवीआईपी लिफ्ट में फंसने का असर अफसरों पर दूसरे दिन भी दिखाई पड़ा।

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राज्य संपत्ति अधिकारी ने शनिवार को अवकाश के बावजूद, पीडब्ल्यूडी, विधानसभा से जुड़े तकनीकी अधिकारियों और लिफ्ट कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

उन्होंने लिफ्ट में तकनीकी खराबी की जांच की तह तक पहुंचने और जवाबदेही तय करने के लिए मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है।
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मुख्यमंत्री के लिफ्ट में फंसने की घटना से राज्य संपत्ति विभाग से जुड़े अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। लिफ्टों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को जब विधानमंडल भवन पहुंचे, उस समय राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं थे।
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तकनीकी गड़बड़ी से मुख्यमंत्री के लिफ्ट के फंसने के बाद भी वे नहीं पहुंच पाए थे। हालांकि राज्य संपत्ति विभाग की सिफारिश पर पीडब्ल्यूडी के चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है लेकिन अभी भी कुछ और लोगों पर तलवार लटकी हुई है।

लिफ्ट कंपनियों के अधिकारी किए तलब

Four member team to investigate lift incident.

राज्य संपत्ति अधिकारी बृजकिशोर यादव ने शनिवार को लिफ्ट कंपनी थायसनक्रुप और ओटिस के अधिकारियों को तलब किया। इन कंपनियों के अधिकारियों के साथ ही उन्होंने पीडब्ल्यूडी और विधानसभा के तकनीकी अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की।

उन्होंने लिफ्ट कंपनी के अधिकारियों से तकनीकी खराबी की वजह भी पूछी। बैठक के दौरान उस लिफ्टमैन को भी बुलाया गया जो मुख्यमंत्री के साथ लिफ्ट में था। उससे पूछताछ भी की गई। अभी तक लिफ्ट खराब होने का सही कारण नहीं पता लग सका है।

तकनीकी खराबी की तह तक जाएगी कमेटी
राज्य संपत्ति अधिकारी ने लिफ्ट में खराबी की जांच के लिए मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी की अध्यक्षता में चार  सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है।

इसमें प्रमुख अभियंता विद्युत, निदेशक विद्युत संरक्षा और अधीक्षण अभियंता विधानसभा को शामिल किया गया है। यह कमेटी लिफ्ट की तकनीकी गड़बड़ी के कारण की पड़ताल करेगी तथा इसके लिए जवाबदेही तय करेगी। उन्होंने सभी लिफ्टों की जांच कराने के भी निर्देश दिेए। समिति को 24 घंटे में रिपोर्ट देनी है।

लिफ्टों की होंगी जांच, लिफ्टमैन की होगी ट्रेनिंग

Four member team to investigate lift incident.

थायसनक्रुप कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा है कि सभी लिफ्टों की जांच और लिफ्टमैनों की ट्रेनिंग कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के लिफ्ट में फंसने के बाद कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी शनिवार को राजधानी पहुंचे। उन्होंने उस लिफ्ट का मुआयना किया जो खराब हुई थी। उसके लिफ्टमैन से पूरी घटना की जानकारी ली।

एकदम सामान्य रहे मुख्यमंत्री: लिफ्टमैन
मुख्यमंत्री जिस लिफ्ट में फंसे थे, उसके लिफ्टमैन संजय सक्सेना का कहना है कि तकनीकी खराबी के दौरान सीएम अखिलेश यादव एकदम सामान्य थे। वह उन्हें भी सामान्य बने रहने के लिए कह रहे थे।

बकौल, संजय लिफ्ट में चार लोग थे। मुख्यमंत्री, सांसद डिम्पल यादव, उनके सुरक्षाकर्मी और वह खुद। लिफ्ट रुकने के  बाद उसने उसे फिर से चलाने की कोशिश की, लेकिन कायमाबी नहीं मिली।

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