अखिलेश सरकार के इस एसएसपी ने खाकी को किया दागदार, डीजीपी जांच में खुलासा

ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Mon, 05 Jun 2017 03:41 PM IST
एसएसपी यशस्वी यादव
एसएसपी यशस्वी यादव - फोटो : demo pic
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खाकी पर एक और कलंक लगा है। लखनऊ के एसएसपी रहे यशस्वी यादव ने एक कोचिंग संचालक के इशारे पर दूसरे कोचिंग संचालक को फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजा था।
डीजीपी मुख्यालय की जांच में यशस्वी यादव के साथ ही तत्कालीन सीओ राजेश श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर महानगर संजय नाथ तिवारी, विवेचक मनोज व सूर्य प्रताप सिंह को दोषी पाए जाने के बाद इसकी जांच अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन को दी गई है।

वहीं साजिशकर्ता सत्यम शंकर सहाय के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के 11 महीने बाद भी पुलिस उसे तलाश नहीं कर पाई। मामला ढाई साल पुराना है।

टाइम इंस्टीट्यूट के संचालक आशीष ने डीजीपी से की गई शिकायत में बताया था कि उसके व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी क्लैट पॉसिबिल कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक सत्यमशंकर सहाय ने लखनऊ में एसएसपी रहे यशस्वी यादव की मदद से उनको व उनके परिवार व ऑफिस स्टाफ को प्रताड़ित किया।

आशीष ने बताया कि 6 दिसंबर 2014 को महानगर के इंस्पेक्टर संजय नाथ तिवारी उनकी कोचिंग पर आए और उन्हें एसएसपी आवास ले गए, जहां उन्हें एसएसपी ने धमकी दी और इंस्पेक्टर से थप्पड़ मारने को कहा।
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दोनों भूम‌िका पर उठे सवाल

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