'विदेशों में मोदी का भव्य स्वागत 65 वर्षों के काम का नतीजा'
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुमलों के दम पर देश चलाना चाहते हैं जबकि इसके लिए त्याग की जरूरत पड़ती है। इंदिरा और राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्रियों ने इसकी मिसाल कायम की।
आतंकवाद के खात्मे के लिए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान किया। गहलोत रविवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में राजीव गांधी स्टडी सर्किल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विदेश में नरेंद्र मोदी का जो भव्य स्वागत हो रहा है वह पिछले 65 वर्षों के कामों का नतीजा है।
सोशल मीडिया का हो रहा है गलत इस्तेमाल
गहलोत ने कहा कि मोदी अपनी बातों से युवाओं को केवल गुमराह कर रहे हैं। इस काम के लिए सोशल मीडिया का भी गलत उपयोग किया जा रहा है। इसका मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री भले ही यह दावा करें कि एक महीने में मंगलयान भेजा, पर सच्चाई यह है कि अगर 33 साल पहले इंदिरा गांधी ने इसरो की स्थापना न की होती तो इसकी शुरुआत तक नहीं हो सकती थी।
महापुरुषों की गलत तस्वीर पेश करके प्रधानमंत्री लोगों को भ्रमित कर रहे हैं जबकि उनके योगदान को याद करके हमें आगे बढ़ना चाहिए।