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फिर बनेगा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 Dec 2013 09:09 PM IST
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यूपी सरकार पूर्ववर्ती बसपा शासन के एक और फैसले को पलटने की तैयारी कर रही है।
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इसके लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन की कवायद शुरू कर दी गई है।
आयोग को अराजपत्रित कर्मियों यानी समूह ‘ग’ के तहत आने वाले पदों पर भर्ती का अधिकार दिए जाने की तैयारी है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रदेश में पहले भी हुआ करता था, लेकिन माया सरकार ने वर्ष 2007 में सत्ता संभालते ही इसे भंग कर दिया था।
यूपी सरकार अब फिर से इसका गठन करना चाहती है। कार्मिक विभाग ने इसका प्रारूप तैयार करते हुए न्याय विभाग से राय मांगी है। वहां से सहमति के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
जानकारों के मुताबिक, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में चेयरमैन के अलावा आठ सदस्य होंगे। इन्हें नामित करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होगा।
चेयरमैन प्रशासनिक अधिकारी या रिटायर्ड आईएएस अफसर को बनाया जाएगा। अन्य सदस्यों में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे।
चयन आयोग का विधिवत गठन होने के बाद राज्य सरकार के अधीन विभागों से अराजपत्रित कर्मियों के पदों का ब्यौरा मांगते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों की भर्ती का अधिकार लोक सेवा आयोग करता है। सूबे में लाखों की संख्या में पद रिक्त हैं और आयोग में भर्ती के प्रस्ताव भी रखे हुए हैं, लेकिन काम अधिक होने के चलते वह भर्तियां नहीं कर पा रहा है।
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इसीलिए सरकार चाहती है कि पहले की तरह अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन करते हुए इसे अराजपत्रित कर्मियों की भर्ती का अधिकार दे दिया जाए।