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दरोगा की गिरफ्तारी को लेकर चिनहट पुलिस और भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम भिड़ी, डीआईजी ने की पुलिस कमिश्नर से शिकायत, इंस्पेक्टर पर कार्रवाई को लिखा पत्र
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लखनऊ। रिश्वत लेने के आरोप में चिनहट थाने के पुलिस उप निरीक्षक प्रदीप यादव को गत 15 जून को गिरफ्तार करने गई भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम और थाना पुलिस में कहासुनी हो गई थी। उप निरीक्षक को ट्रैप करने वाली भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम का आरोप है कि इंस्पेक्टर चिनहट ने उनके साथ थाने में दुर्व्यवहार किया और कार्रवाई में बाधा पहुंचाई। ट्रैप टीम की रिपोर्ट पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा ने पुलिस आयुक्त को चिनहट इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।
जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा को शिकायत मिली थी कि चिनहट थाने में तैनात पुलिस उप निरीक्षक प्रदीप यादव ने एक मुकदमे में धारा बढ़ाए जाने को लेकर रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद डीआईजी एंटी करप्शन ने सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर ट्रैप कराया और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि लिखा-पढ़ी के लिए जब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम चिनहट थाने पहुंची तो इंस्पेक्टर चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी ने टीम के साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार किया बल्कि एंटी करप्शन के लोगों को ही उल्टा हवालात में डालने की धमकी दी। भ्रष्टाचार निवारण की टीम ने अपने डीआईजी को पूरी बात बताई।
डीआईजी ने पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर से बात की। डीके ठाकुर ने इंस्पेक्टर चिनहट को फटकार लगाई और भ्रष्टाचार निवारण की टीम को गिरफ्तार किए गए दरोगा को गाजीपुर थाने में दाखिल करने को कहा। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप करने वाली टीम ने लिखित रूप से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डीआईजी ने एडीजी भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अनुमोदन के बाद पुलिस आयुक्त लखनऊ को पत्र लिखकर इंस्पेक्टर चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा को शिकायत मिली थी कि चिनहट थाने में तैनात पुलिस उप निरीक्षक प्रदीप यादव ने एक मुकदमे में धारा बढ़ाए जाने को लेकर रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद डीआईजी एंटी करप्शन ने सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर ट्रैप कराया और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि लिखा-पढ़ी के लिए जब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम चिनहट थाने पहुंची तो इंस्पेक्टर चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी ने टीम के साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार किया बल्कि एंटी करप्शन के लोगों को ही उल्टा हवालात में डालने की धमकी दी। भ्रष्टाचार निवारण की टीम ने अपने डीआईजी को पूरी बात बताई।
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डीआईजी ने पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर से बात की। डीके ठाकुर ने इंस्पेक्टर चिनहट को फटकार लगाई और भ्रष्टाचार निवारण की टीम को गिरफ्तार किए गए दरोगा को गाजीपुर थाने में दाखिल करने को कहा। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप करने वाली टीम ने लिखित रूप से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डीआईजी ने एडीजी भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अनुमोदन के बाद पुलिस आयुक्त लखनऊ को पत्र लिखकर इंस्पेक्टर चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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