फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Food factory exploded twice again

Lucknow News: दो बार फिर धधकी फूड फैक्टरी

Mon, 05 May 2025 02:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 05 May 2025 02:10 AM IST
विज्ञापन
Food factory exploded twice again
दो बार फिर धधकी फूड फैक्टरी
लखनऊ। सरोजनीनगर में शनिवार शाम को अमौसी स्टेशन रोड स्थित फूड फैक्टरी में आग पर काबू पाने के बाद फैक्टरी में दो बार और आग भड़की। गनीमत रही कि दमकल ने समय रहते लपटों पर काबू पा लिया और आसपास की दुकानें व घर आग की चपेट में आने से बच गए। माना जा रहा है कि फैक्टरी में फैले ज्वलनशील पदार्थ और गर्मी के कारण दबी हुई चिंगारी दोबारा लपटों में बदल गई।
विज्ञापन


वहीं, देर शाम आलमबाग के मवैया निवासी फैक्टरी मालिक अखिलेश उर्फ पप्पू का परिजनों ने भैंसा कुंड पर अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, कर्मचारी अबरार को उनके पैतृक गांव बहराइच के नानपारा टेडिया में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
विज्ञापन

फैक्टरी मालिक अखिलेश मूल रूप से आजमगढ़ के निवासी थे। वह बेटे ऋतिक के साथ शाम साढ़े चार बजे फैक्टरी पहुंचे थे, वहां वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान चिंगारी से फैक्टरी में आग लग गई। नौ कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन अबरार अंदर ही फंसे रह गए। उन्हें बचाने पहुंचे अखिलेश भी लपटों में घिर गए। दोनों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पड़ोसी दुकानदार सुधांशु चौरसिया और बबलू के मुताबिक दमकल ने रात आठ बजे आग पर काबू पाया, लेकिन रात दो बजे और फिर सुबह सात बजे फैक्टरी दोबारा जल उठी। दोनों बार दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी से आग बुझाई।

रिहायशी इलाके में अवैध संचालन का आरोप
पड़ोसियों ने बताया कि फैक्टरी में डीजल टैंक और केमिकल रखा था। चिंगारी पहले ओवन में डालने वाले तेल और केमिकल पर गिरी थी, जिससे आग भड़क उठी थी। तपिश के कारण डीजल टैंक फट गया था। ऐसे में आग और विकराल हो गई। वहीं घटना के अगले दिन रविवार को घटनास्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ था। सुधांशु, इसरार और अंशु कश्यप ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि वह कभी भूल नहीं पाएंगे। कुछ लोगों ने दावा किया कि फैक्टरी लंबे समय से चोरी-छिपे चलाई जा रही थी। उन्होंने पहले भी रिहायशी इलाके में इस तरह की फैक्टरी के संचालन का विरोध किया था।

नुकसान के बाद बंद हुई थी फैक्टरी, एक मई को हुआ था उद्घाटन
करीब डेढ़ साल पहले नुकसान के चलते फैक्टरी बंद कर दी गई थी। अखिलेश ने मेहनत से दोबारा इसे खड़ा किया था और 1 मई को फिर से इसका उद्घाटन किया गया था। बेटे ऋतिक ने बताया कि पिता का सपना था कि फैक्टरी फिर से चले, लेकिन तीन दिन बाद ही सब खत्म हो गया।


आठ हजार रुपये की नौकरी के लिए लौटा था अबरार

फैक्टरी कर्मचारी अबरार परिवार के साथ हाइडिल कॉलोनी में रहते थे। पहले भी इस फैक्टरी में काम करते थे और एक मई को दोबारा काम पर लौटे थे। उनके भाई सलाउद्दीन शेख ने बताया कि अब भाभी, भतीजी जैनब और भतीजे इमरान की जिम्मेदारी उन्हीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed