{"_id":"6a02451bb62d23e18304f13a","slug":"fmcg-businesses-have-held-prices-steady-for-fear-of-losing-customers-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1732892-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: ग्राहक छिटकने के डर से एफएमसीजी कारोबारियों ने थामे दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: ग्राहक छिटकने के डर से एफएमसीजी कारोबारियों ने थामे दाम
विज्ञापन
लखनऊ। कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री और ईंधन की बढ़ती लागत के बावजूद शहर के अधिकांश फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कारोबारियों ने अभी तक उपभोक्ताओं पर पूरा भार नहीं डाला है। हालांकि कुछ उत्पादों के दामों में 5 से 10 फीसदी तक की सीमित बढ़ोतरी की गई है। कारोबारियों का कहना है कि कीमतें ज्यादा बढ़ाने पर ग्राहकों के दूर होने का खतरा है।
एफएमसीजी सेक्टर में प्रोसेस्ड फूड एंड बेवरेज, पर्सनल केयर, हाउसहोल्ड उत्पाद और हेल्थ सप्लीमेंट्स शामिल हैं। राजधानी में प्रोसेस्ड फूड से जुड़े ब्रेड, बेकरी, डेयरी और सॉफ्ट ड्रिंक कारोबार प्रमुख हैं। कारोबारियों के अनुसार कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में पिछले कुछ समय में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
बेकरी उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला कैल्शियम प्रोपोनेट, जो पहले 148 रुपये प्रति किलो था, अब 248 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह बिस्किट निर्माण में प्रयुक्त अमोनिया 685 रुपये से बढ़कर 920 रुपये हो गया है। कस्टर्ड की कीमतों में भी करीब पांच फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। कारोबारी सौरभ सचदेवा ने बताया कि घी की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। पहले 1800 रुपये प्लस टैक्स में मिलने वाला घी का गत्ता अब 2200 रुपये प्लस टैक्स तक पहुंच गया है। इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री की लागत भी लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
कीमतें बढ़ाने से बिक्री घटने का खतरा
ब्रेड और बेकरी कारोबार से जुड़े उद्यमी एसपी बत्रा ने बताया कि वर्तमान में कारोबार का सीजन कमजोर चल रहा है, इसलिए कीमतें बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत करीब 10 फीसदी बढ़ चुकी है। जो उत्पाद पहले 100 रुपये में तैयार होता था, अब उसकी लागत 110 रुपये तक पहुंच गई है। इससे मुनाफा प्रभावित हो रहा है, लेकिन कीमतें बढ़ाने से बिक्री घटने का खतरा बना हुआ है।
नुकसान सहना मुश्किल हो रहा
नमकीन उद्योग से जुड़े उद्यमी दीपेश कृष्णानी ने बताया कि पैकेजिंग सामग्री 25 से 30 फीसदी तक महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती लागत के बीच कारोबारियों के लिए नुकसान सहना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से अप्रैल से नमकीन उत्पादों की कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है।
विज्ञापन
एफएमसीजी सेक्टर में प्रोसेस्ड फूड एंड बेवरेज, पर्सनल केयर, हाउसहोल्ड उत्पाद और हेल्थ सप्लीमेंट्स शामिल हैं। राजधानी में प्रोसेस्ड फूड से जुड़े ब्रेड, बेकरी, डेयरी और सॉफ्ट ड्रिंक कारोबार प्रमुख हैं। कारोबारियों के अनुसार कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में पिछले कुछ समय में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
बेकरी उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला कैल्शियम प्रोपोनेट, जो पहले 148 रुपये प्रति किलो था, अब 248 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह बिस्किट निर्माण में प्रयुक्त अमोनिया 685 रुपये से बढ़कर 920 रुपये हो गया है। कस्टर्ड की कीमतों में भी करीब पांच फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। कारोबारी सौरभ सचदेवा ने बताया कि घी की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। पहले 1800 रुपये प्लस टैक्स में मिलने वाला घी का गत्ता अब 2200 रुपये प्लस टैक्स तक पहुंच गया है। इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री की लागत भी लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
कीमतें बढ़ाने से बिक्री घटने का खतरा
ब्रेड और बेकरी कारोबार से जुड़े उद्यमी एसपी बत्रा ने बताया कि वर्तमान में कारोबार का सीजन कमजोर चल रहा है, इसलिए कीमतें बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत करीब 10 फीसदी बढ़ चुकी है। जो उत्पाद पहले 100 रुपये में तैयार होता था, अब उसकी लागत 110 रुपये तक पहुंच गई है। इससे मुनाफा प्रभावित हो रहा है, लेकिन कीमतें बढ़ाने से बिक्री घटने का खतरा बना हुआ है।
नुकसान सहना मुश्किल हो रहा
नमकीन उद्योग से जुड़े उद्यमी दीपेश कृष्णानी ने बताया कि पैकेजिंग सामग्री 25 से 30 फीसदी तक महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती लागत के बीच कारोबारियों के लिए नुकसान सहना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से अप्रैल से नमकीन उत्पादों की कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है।