100 करोड़ वसूल लिए फिर भी फ्लैट का इंतजार
आवास विकास परिषद ने दो हजार लोगों से ढाई साल में आशियाना देने का वादा किया था। उनसे करीब 100 करोड़ रुपये भी वसूल लिए लेकिन समय बीतने के बाद भी वे अपने घर के इंतजार में हैं।
परिषद अवध विहार योजना की पहली बहुमंजिला आवासीय योजना का काम भी समय से पूरा नहीं कर सकी। अमर उजाला टीम ने मौके पर देखा कि फ्लैट तो दूर, सड़क, नाली, पार्क, सीवर और ड्रेनेज का काम भी अब तक अधूरा है।
जगह-जगह बस धूल और मिट्टी ही दिखाई देती है। ऐसे में यहां रहने लायक स्थिति बनने में अभी एक से डेढ़ साल का समय और लगेगा। यानी ढाई साल के बजाय चार साल में आवंटियों को मिलेंगे फ्लैट।
किस्तों में लिया गया था पैसा
आवास विकास परिषद ने जनवरी 2013 मे अवध विहार योजना शुरू की थी। योजना शुरू करते समय परिषद ने बहुमंजिला स्ववित्त पोषित योजना (भागीरथी, मंदाकिनी और अलकनंदा) में पंजीकरण कराने वाले सभी आवेदकों को बिना लाटरी फ्लैट आवंटित करने के घोषाण की थी।
इससे करीब 2000 लोगों ने आवेदन किया। इनमें एक फ्लैट की कीमत करीब 50 लाख रुपये है। यह पैसा परिषद 2015 में ही आवंटियों से वसूल चुकी है। आवंटियों से पैसा आठ तिमाही किश्तों में लिया गया।
पंजीकरण के समय परिषद ने आवंटियों से वादा किया था कि वह फ्लैटों को ढाई साल में तैयार देगी। यहां आवंटियों को जून 2015 तक कब्जा मिल जाना चाहिए था, पर अब तक फ्लैट तैयार नहीं हो सके हैं। इनको तैयार होने में अभी भी एक से डेढ़ साल का समय और लगेगा।