फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Five thousand youth lined up to go to war-torn country Israel, know what will be the salary

यूपी: खतरों पर भारी जरूरतें, युद्धग्रस्त देश इस्राइल जाने की लाइन में लगे 5000 युवा, जानिए क्या होगी सेलेरी

Mon, 29 Jan 2024 10:35 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 29 Jan 2024 10:35 PM IST
सार

हमास के हमलों से तबाह इस्राइल ने निर्माण के लिए भारत से 10 हजार कारीगर मांगे हैं। वह तीन साल उस देश में रहेंगे। आवेदन करने वाले युवा आज लखनऊ में एकत्रित हुए। 

विज्ञापन
Five thousand youth lined up to go to war-torn country Israel, know what will be the salary
इस्राइल ने निर्माण के लिए भारत से 10 हजार कारीगर मांगे हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

‘सर, इस्राइल चले गए तो हमारा घर संवर जाएगा। वहां खतरे तो हैं लेकिन इसकी परवाह नहीं है। दस-बीस हजार रुपये में यूं भी घर से दूर हैं...। थोड़ा और दूर चले जाएंगे, लेकिन पैसा हमारे परिवार की जिंदगी आसान बना देगा।’ ये अल्फाज हैं इस्राइल जाने का ख्वाब पाले युवाओं के, जो लखनऊ आईटीआई में इन दिनों डेरा डाले हुए हैं।

विज्ञापन


हमास के हमलों से तबाह इस्राइल ने निर्माण के लिए भारत से 10 हजार कारीगर मांगे हैं। इनमें तीन हजार कारपेंटर, तीन हजार शटरिंग और लोहे का जाल बांधने वाले व टाइल्स लगाने वाले दो-दो हजार कारीगर हैं। अभी तक पांच हजार का चयन हो चुका है। 21 से 35 साल की उम्र के बीच के ये कारीगर देशभर से लखनऊ आ पहुंचे हैं, अधिकांश की स्थिति दयनीय है। पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र से लौट रहे यूपी के इन युवाओं को भरोसा है कि तीन साल का इस्राइल प्रवास उनकी जिंदगी बदल देगा।
विज्ञापन


इन युवाओं के बारे में श्रम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दूसरे प्रदेशों में काम कर रहे इन कारीगरों की औसत कमाई दस हजार से बीस हजार रुपये के बीच है। समूह में रहने के बावजूद महीने में आधा पैसा खर्च हो ही जाता है। बमुश्किल कुछ बचत घर भेज पाते हैं। इनमें से गांव में किसी के पिता बटाई मजदूर हैं तो किसी के पास कमाई का कोई साधन नहीं है। महज एक से दो बीघा जमीन वाले ये बेहद छोटे किसानों के बच्चे हैं, जो जमीन से पेट भरने लायक अनाज भी पैदा नहीं कर पाते। आईटीआई लखनऊ में सेलेक्शन की अंतिम प्रक्रिया से गुजर रहे इन युवाओं को अच्छी तरह से पता है कि वार जोन में काम कितना खतरनाक है। आवेदन करने वाले अधिकांश युवाओं का कहना है कि यहां भी उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर महीने मिलेंगे 1.37 लाख रुपये 
श्रम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक इस्राइल जाने वाले कारीगर को हर महीने 1.37 लाख रुपये मिलेंगे। तीन साल में करीब 49.32 लाख रुपये। इसके अलावा वहां रहने के लिए आवासीय व्यवस्था और साइट पर आने-जाने का खर्च भी मिलेगा। यूपी की प्रति व्यक्ति औसत आय करीब 71 हजार रुपये सालाना है। जबकि इस्राइल में उन्हें एक साल में 16.32 लाख रुपये मिलेंगे। यानी इस्राइल जाने वाला एक युवा प्रति व्यक्ति औसत आय से 23 गुना ज्यादा पाएगा। हेल्थ बीमा, हवाई भाड़ा और खानपान, अन्य खर्च के बाद भी तीन साल में न्यूनतम 30 लाख रुपये आसानी से बचा लेगा। इतना पैसा यहां रहकर बचाने में उसे 25 साल लग जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed