{"_id":"2d31f5116b9869c7b444d48b080baf64","slug":"five-readers-of-medical-colleges-became-professor-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनानी मेडिकल कॉलेजों के रीडर्स को प्रमोशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूनानी मेडिकल कॉलेजों के रीडर्स को प्रमोशन
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 11 Sep 2014 02:23 PM IST
विज्ञापन
राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेजों के पांच रीडर को प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति दी गई।
विज्ञापन
इनमें डॉ. मो.यासीन आजमी, डॉ. मजाहिर आलम, डॉ. बरकत उल्ला नदवी, डॉ. नईमुद्दीन अंसारी, डॉ. नजीब हंजला अम्मार शामिल हैं।
यह प्रमोशन शिथिलीकरण नियमावली-2006 के तहत पदोन्नति के मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिया गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव शारदा सिंह के अनुसार रीडर से प्रोफेसर बनने के लिए न्यूनतम 6 साल का अनुभव होना चाहिए।
केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद के मानकों को पूरा करने के लिए शिथिलीकरण के तहत यह शासनादेश जारी किया गया है।
इसमें डॉ. यासीन को एक वर्ष दो माह और अन्य को एक वर्ष पांच माह का शिथिलीकरण दिया गया है।