केजीएमयू के 5 मेडिकोज एसटीएफ की गिरफ्त में
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केजीएमयू के पांच मेडिकोज को एमपी एसटीएफ की टीम ने कैंपस से उठा लिया जबकि पांच मेडिकोज फरार हो गए। मध्य प्रदेश एसटीएफ की टीम इन छात्रों की खोजबीन के लिए कैंपस पहुंची और कुलपति से मिलकर इनकी खोजबीन करने लगी।
टीम के सदस्यों ने दस छात्रों की सूची भी कुलपति को सौंपी है जिनके नाम सॉल्वर गैंग की भूमिका में सामने आए हैं। मालूम हो कि इससे पहले केजीएमयू के तीन मेडिकोज पहले ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुके हैं। मध्य प्रदेश व्यवासियक परीक्षा मंडल घोटाले की जद में केजीएमयू के दस मेडिकोज फिर से आ गए हैं।
शनिवार को एमपी एसटीएफ की तीन टीमें कैंपस पहुंची और कुलपति से मुलाकात के बाद ओरोपी छात्रों की खोजबीन में लग गई। कैंपस में तीन टीमों की छापेमारी में न्यू टीचिंग ब्लॉक से पांच मेडिकोज एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए जिसके बाद उनको गिरफ्तार कर टीम वापस लौट गई।
ये स्टूडेंट शामिल हैं व्यापंम घोटाले में
जानकारी के मुताबिक रीवा टीम को डिप्टी एसपी मनीष मिश्र, सतना टीम को डिप्टी एसपी एसके पांडेय और भोपाल टीम को इंसपेक्टर जितेंद्र सिंह लीड कर रहे थे। केजीएमयू पहुंचने के बाद टीम के सदस्यों ने कुलपति प्रो. रविकांत से मुलाकत की और आरोपी दस छात्रों के नाम की सूची सौंपी और केजीएमयू प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड से सहयोग की अपील की।
कुलपति के निर्देश पर प्रो. मनीष वाजपेई को टीम की हर संभव मदद के लिए निर्देशित किया। इसके बाद टीम को जानकारी मिली की कुछ आरोपी छात्र कैंपस में हैं तो सतर्कता बरतते हुए टीचिंग ब्लॉक के पास छापेमारी की और पांच स्टूडेंट को हिरासत में ले लिया।
बाकी के पांच छात्र मौके से फरार हो गए। पकड़े गए छात्रों में 2009 बैच के रविशंकर शुक्ल, 2011 बैच के अभिमन्यु सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, अमित पांडेय और 2013 बैच के अशोक कुमार शामिल हैं। इन छात्रों पर मप्र प्रदेश में आयोजित मेडिकल परीक्षा में सॉल्वर की भूमिका निभाने के सबूत मिले हैं।
पहले तीन स्टूडेंट हो चुके हैं गिरफ्तार
मालूम हो कि करीब दो महीने पहले एमपी एसटीएफ की टीम ने छापेमारी कर तीन 2013 बैच के नौ छात्रों को अपने साथ ले गई थी। पूछताछ के बाद तीन छात्रों को गिरफ्तार कर लिया था और छह छात्रों को रिहा कर दिया था। फरार चल रहे पांच छात्रों को हिरासत में लेने के लिए एसटीएफ की टीम दोबारा केजीएमयू कैंपस में दस्तक दे सकती है।
व्यापमं घोटाले की जांच में जुटी एमपी एसटीएफ की टेढ़ी नजर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों पर है। शुक्रवार को टीम ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में छापेमारी कर तीन छात्रों को पकड़ा था। यहां से हिरासत में लिए गए तीनों छात्रों पर भी सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की जानकारी मिली है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में और नाम सामने आ सकते हैं और कई छात्रों का भविष्य दांव पर लग सकता है।
मप्र एसटीएफ की टीम जब नौ मेडिकोज को अपने साथ ले गई थी उसके बाद कई बार केजीएमयू कैंपस में दस्तक दे चुकी है। टीम छात्रों की गिरफ्तारी के बाद कई बार टीम दबे पांव हॉस्टल पहुंच चुकी है और ओरापी छात्रों के कमरों की तलाशी लेने के बाद उनके लैपटॉप और जरूरी दस्तावेत को कब्जे में लिया था।