{"_id":"6261bb5deab0cb225b0361fa","slug":"first-year-student-will-get-grading-markssheet-lucknow-news-lko627215985","type":"story","status":"publish","title_hn":"लविविः प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को मिलेगी ग्रेडिंग वाली मार्क्सशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लविविः प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को मिलेगी ग्रेडिंग वाली मार्क्सशीट
विज्ञापन
लखनऊ विवि में प्रथम वर्ष के छात्रों को मिलेगी ग्रेडिंग वाली मार्कशीट। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन की ओर से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में नए सत्र 2022-23 से स्नातक पाठ्यक्रमों में ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने को कहा है।
हालांकि लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्तमान सत्र 2021-22 में ही अपने यहां स्नातक कोर्सों में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) लागू की है।
इस क्रम में विवि व सहयुक्त महाविद्यालयों के स्नातक पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ग्रेडिंग वाली मार्क्सशीट ही दी जाएगी, जबकि एकेटीयू में सीजीपीए सिस्टम पहले से ही लागू है। जबकि अन्य विश्वविद्यालय अब इसकी तैयारी में लग गए हैं।
लखनऊ विवि द्वारा वर्तमान सत्र से ही नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत कई बदलाव किए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से अपना नया ऑर्डिनेंस राजभवन से पास करा लिया गया है।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि अब जब विद्यार्थियों को मार्क्सशीट मिलेगी। उसमें नंबर के साथ ग्रेडिंग का उल्लेख होगा।
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश और विश्वविद्यालय द्वारा तैयार दिशा-निर्देश को समाहित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।
इसमें डीन एकेडमिक्स, हेड एआईएच, हेड मैनेजमेंट, हेड स्टेटिक्स व प्रो. अनिल मिश्रा की एक कमेटी बनाई गई है। यह व्यवस्था विद्यार्थियों के तनाव को कम करने का काम करेगी।
विज्ञापन
जबकि नंबरों की लड़ाई भी समाप्त होगी। इससे विश्वविद्यालयों से निकले विद्यार्थी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को पा सकेंगे।
एकेटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि हम पहले से विद्यार्थियों को सीजीपीए देते हैं।
शासन की ओर से जारी निर्देशों को देखा जाएगा अगर इसमें कोई अंतर होगा तो उसे देखा जाएगा।
वहीं ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि में 2018 से ही स्नातक में और 2019 से पीजी में ग्रेडिंग सिस्टम लागू है। विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. तनु डंग ने बताया कि शासन द्वारा जारी मार्किंग सिस्टम में आंशिक अंतर है, इसे अपडेट किया जाएगा।
विज्ञापन
हालांकि लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्तमान सत्र 2021-22 में ही अपने यहां स्नातक कोर्सों में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) लागू की है।
इस क्रम में विवि व सहयुक्त महाविद्यालयों के स्नातक पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ग्रेडिंग वाली मार्क्सशीट ही दी जाएगी, जबकि एकेटीयू में सीजीपीए सिस्टम पहले से ही लागू है। जबकि अन्य विश्वविद्यालय अब इसकी तैयारी में लग गए हैं।
लखनऊ विवि द्वारा वर्तमान सत्र से ही नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत कई बदलाव किए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से अपना नया ऑर्डिनेंस राजभवन से पास करा लिया गया है।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि अब जब विद्यार्थियों को मार्क्सशीट मिलेगी। उसमें नंबर के साथ ग्रेडिंग का उल्लेख होगा।
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश और विश्वविद्यालय द्वारा तैयार दिशा-निर्देश को समाहित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।
इसमें डीन एकेडमिक्स, हेड एआईएच, हेड मैनेजमेंट, हेड स्टेटिक्स व प्रो. अनिल मिश्रा की एक कमेटी बनाई गई है। यह व्यवस्था विद्यार्थियों के तनाव को कम करने का काम करेगी।
विज्ञापन
जबकि नंबरों की लड़ाई भी समाप्त होगी। इससे विश्वविद्यालयों से निकले विद्यार्थी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को पा सकेंगे।
एकेटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि हम पहले से विद्यार्थियों को सीजीपीए देते हैं।
शासन की ओर से जारी निर्देशों को देखा जाएगा अगर इसमें कोई अंतर होगा तो उसे देखा जाएगा।
वहीं ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि में 2018 से ही स्नातक में और 2019 से पीजी में ग्रेडिंग सिस्टम लागू है। विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. तनु डंग ने बताया कि शासन द्वारा जारी मार्किंग सिस्टम में आंशिक अंतर है, इसे अपडेट किया जाएगा।