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कर्जमाफी और GST का असर: पहले छह महीने में पटरी पर नहीं आई कमाई, सरकार के कामकाज पर दिखा प्रभाव

Tue, 19 Dec 2017 02:14 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 19 Dec 2017 02:14 AM IST
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 first six months of uttar pradesh government was effected by debt relief and GST.

अनुपूरक बजट ने योगी सरकार में सड़क, बिजली, पानी, दवाई और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेजी से सुधार न दिखने की वजह भी साफ कर दी है। दरअसल, खाली खजाने के साथ सत्ता संभालने वाली योगी सरकार पहली छमाही में उम्मीद के हिसाब से कमाई नहीं कर पाई। लिहाजा नई योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त बजट समय से उपलब्ध नहीं हो सका। हालांकि, अब चालू छमाही में सुधार के संकेत हैं।

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वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने वर्ष 2017-18 के आम बजट में प्रदेश के विकास के लिए तमाम योजनाओं का एलान किया था। इसके लिए प्रदेश के स्वयं के कर राजस्व, करेत्तर राजस्व, केंद्रीय करों में राज्यांश, केंद्र सरकार से अनुदान जैसे तमाम मदों से आय का अनुमान था। लेकिन वित्त वर्ष की पहली छमाही (एक अप्रैल से 30 सितंबर तक) के आंकड़े बताते हैं कि सरकार की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।
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आम बजट के अनुमानों की तुलना में स्वयं के कर राजस्व से जहां 39 फीसदी ही आय हुई, वहीं करेतर राजस्व 27.4 प्रतिशत पर अटका हुआ है। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी जरूर उम्मीद के अनुसार रही। सितंबर तक बजट अनुमान का 42.8 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश पा चुका है।
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आय में कमी से बजट अनुमान के हिसाब से योजनाओं पर खर्च के लिए समय पर पैसा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। छह महीने में राजस्व खर्च जहां 36.4 प्रतिशत पर अटका है, वहीं विकास योजनाओं पर खर्च के लिए सिर्फ 13.7 प्रतिशत रकम ही मिली। सरकार ने पूरे वित्तीय वर्ष में 12278.80 करोड़ रुपये बचत का अनुमान लगाया था। बीती छमाही में यह 2189.47 करोड़ पर अटका रहा।

स्थिति में तेजी से हो रहा है सुधार

 first six months of uttar pradesh government was effected by debt relief and GST.
प्रतीकात्मक तस्वीर

शासन के अधिकारी बताते हैं कि जीएसटी लागू होने से राज्य की कर वसूली पर बुरा असर पड़ा है। इसके अलावा किसानों की कर्जमाफी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। इसके लिए बजट में एकमुश्त 36 हजार करोड़ रुपये का बंदोबस्त किया गया।

हालांकि पहली छमाही में इतनी रकम खर्च नहीं हुई, लेकिन यह दूसरे काम के लिए भी उपलब्ध नहीं थी। सरकार के पास जैसे-जैसे पैसा आया, किसानों की कर्जमाफी के लिए दिया जाता रहा। हालांकि अफसरों को उम्मीद है कि स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और चालू छमाही में पैसे की उपलब्धता रहेगी।

आंकड़ों में बजट पूर्वानुमान
मद--बजट अनुमान--30 सितंबर के आंकड़े
स्वयं का कर--1,11,501.90--39 प्रतिशत
करेत्तर राजस्व--18,436.71--27.4 प्रतिशत
केंद्रीय करों में राज्यांश--1,21,406.51--42.8 प्रतिशत    
केंद्र से अनुदान--68,052.31--20.0 प्रतिशत

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