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लखनऊ में बनेगा प्रदेश का पहला मदर मिल्क बैंक, देखें डिटेल
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:19 AM IST
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उत्तर प्रदेश का पहला मदर मिल्क बैंक राजधानी स्थित एसजीपीजीआई या फिर केजीएमयू में स्थापित होगा। इसे दिल्ली के कलावती सरन हॉस्पिटल में बने मदर मिल्क बैंक के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से भी मदद ली जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इस दिशा में काम कर रहा है। शिशु मृत्यु दर घटाने व कामकाजी महिलाओं के लिए यह मिल्क बैंक एक वरदान साबित होगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक बाल स्वास्थ्य डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि सरकारी क्षेत्र में प्रदेश का पहला मदर मिल्क बैंक लखनऊ में स्थापित होगा। इसके लिए एसजीपीजीआई ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए कलावती अस्पताल के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि यह मिल्क बैंक कामकाजी महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होगा। वे अपने बच्चों के लिए मिल्क इस बैंक में सुरक्षित रखवा सकेंगी। इस बैंक में मां के दूध को माइनस 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर तीन महीने से अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इस दिशा में काम कर रहा है। शिशु मृत्यु दर घटाने व कामकाजी महिलाओं के लिए यह मिल्क बैंक एक वरदान साबित होगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक बाल स्वास्थ्य डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि सरकारी क्षेत्र में प्रदेश का पहला मदर मिल्क बैंक लखनऊ में स्थापित होगा। इसके लिए एसजीपीजीआई ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए कलावती अस्पताल के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है।
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डॉ. वर्मा ने बताया कि यह मिल्क बैंक कामकाजी महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होगा। वे अपने बच्चों के लिए मिल्क इस बैंक में सुरक्षित रखवा सकेंगी। इस बैंक में मां के दूध को माइनस 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर तीन महीने से अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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मां के दूध से नवजात के विकास में मदद
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एक शोध के अनुसार 25 से 30 प्रतिशत बच्चे काफी कमजोर होते हैं और उन्हें मां का दूध न मिलने पर स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में मां का दूध उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होता है।
मां का दूध आसानी से पच जाता है। बच्चों को बाहर का पानी या कुछ और आहार देने से उन्हें डायरिया होने का खतरा रहता है। जबकि मां के दूध से नवजात को शारीरिक व मानसिक विकास में मदद मिलती है।
मदर मिल्क बैंक से होंगे लाभ
मदर मिल्क बैंक से कई तरह के लाभ होंगे। मां के दूध से बच्चों में बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बच्चा स्वस्थ रहेगा।
जबकि दीर्घकाल में ऐसे बच्चों को दिल संबंधी रोग, मोटापा और ब्लड प्रेशर की समस्या अपेक्षाकृत कम होती है। मां का दूध पीने वाले बच्चे भावनात्मक व मानसिक स्तर पर मजबूत होते हैं।
मां का दूध आसानी से पच जाता है। बच्चों को बाहर का पानी या कुछ और आहार देने से उन्हें डायरिया होने का खतरा रहता है। जबकि मां के दूध से नवजात को शारीरिक व मानसिक विकास में मदद मिलती है।
मदर मिल्क बैंक से होंगे लाभ
मदर मिल्क बैंक से कई तरह के लाभ होंगे। मां के दूध से बच्चों में बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बच्चा स्वस्थ रहेगा।
जबकि दीर्घकाल में ऐसे बच्चों को दिल संबंधी रोग, मोटापा और ब्लड प्रेशर की समस्या अपेक्षाकृत कम होती है। मां का दूध पीने वाले बच्चे भावनात्मक व मानसिक स्तर पर मजबूत होते हैं।