वाणिज्य कर कार्यालय में लगी आग में जरूरी दस्तावेज जलकर खाक, पहले भी होते रहे ऐसे हादसे
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वाणिज्य कर विभाग के मीराबाई मार्ग स्थित एडिशनल कमिश्नर कार्यालय के अधिकरण (न्यायालय) इकाई कक्षों में शुक्रवार रात 2:30 बजे अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठने पर सुरक्षा कर्मचारियों और चौकीदारों को इसकी जानकारी हुई। सूचना मिलने पर दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया। आग से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी राख हो गए।
वाणिज्य कर भवन के प्रथम तल स्थित अधिकरण के स्थापना कक्ष में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। इस आग से प्रदेश के अन्य अधिकरण में तैनात कर्मियों व अफसरों की सर्विस पत्रावलियां जल गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से सर्विस बुक शामिल हैं।
एडिशनल कमिश्नर ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलते ही वह 45 मिनट में ही मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन तब तक दमकल कर्मचारी आग बुझा चुके थे। आग से तीन सेक्शन में रखे कर्मचारियों व अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड भी जल गए और जो बचे भी वे पानी से खराब हो गए हैं।
आग से फर्नीचर, पर्दे व दरवाजा तक राख हो गए। आग पर समय से काबू पा लिया गया, नहीं तो पूरा भवन इसकी चपेट में आ जाता। अधिकरण अध्यक्ष व सदस्य ने भी घटना का जायजा लिया। शनिवार को पूरे दिन सफाई का कार्य चलता रहा।
अपील दस्तावेज भी जले
द्विवेदी ने बताया कि आग से व्यापारियों व वाणिज्य कर विभाग की अपील के कुछ दस्तावेज भी जले हैं, लेकिन इससे अपील की कार्रवाई में कोई व्यवधान नहीं आएगा। व्यापारी अपील करने से पहले देनदारी का बांड वाणिज्य कर विभाग में जमा करते हैं। अपील की फाइल अधिवक्ताओं व वाणिज्य कर अफसरों के पास मौजूद हैं, जिससे सुनवाई की फाइल तैयार हो जाएगी।
लापरवाहों पर नहीं हुई कार्रवाई
वाणिज्य कर विभाग के कक्ष में आग लगना कोई नई बात नहीं है। यहां आए दिन आग लगती है, लेकिन लापरवाहों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इससे पहले, 14 जून-2017 को पंचम तल पर लगी आग में टैक्स चोरी से संबंधित दस्तावेज खाक हो गए थे। यह आग अवैध रूप से एयरकंडीशनर चलाने से लगी थी। प्रशासन ने प्रकरण की जांच तो कराई, लेकिन लापरवाहों पर कार्रवाई नहीं की।