फर्नीचर गोदाम में भीषण आग, 25 लाख का नुकसान
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नाका के शिवपुरी कॉलोनी में शनिवार को एक गोदाम में शार्ट सर्किट से आग लग गई। धुआं उठता देखकर लोगों ने फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची आग की भीषण लपटों ने दो मंजिला इमारत में बने गोदाम को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया।
दमकल की 12 गाड़ियों की मदद से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत केबाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान गोदाम के इर्द-गिर्द आधा दर्जन मकानों की दीवारें तक चटक गईं। बुजुर्ग महिला समेत कई लोग इसमें घायल भी हुये हैं। आग लगने की वजह से देर रात तक इलाकेमें लोग दहशत में थे।
गुडंबा के रिंग रोड निवासी गोयल फर्नीचर हाउस के मालिक राहुल गुप्ता की शिवपुरी कॉलोनी के माता दीन हाता क्षेत्र में गोदाम है। लगभग दो हजार स्कवॉयर फिट एरिये में बने इस गोदाम के प्रथम तल पर प्लास्टिक की कुर्सियां, प्लाई बोर्ड, फॉर्म, सोफा सेट में इस्तेमाल होने वाले रॉ मटेरियल रखा हुआ था।
पड़ोसियों के मकान की दीवारों में दरारें
बताया जा रहा है कि इसी गोदाम में ही पहले पक्का माल भी तैयार किया जाता था। हालांकि पिछले छह-सात महीने से काम बंद था। दो-तीन दिनों से यहां से सामान शिफ्ट किया जा रहा था। शनिवार की दोपहर में अचानक गोदाम के प्रथम तल पर आग लगी। इसके बाद हड़कंप मच गया।
फार्म, गद्दे, प्लाईबोड़ और प्लास्टिक का सामान होने की वजह से गोदाम से तेज धुआं उठने लगा। राहुल गुप्ता के रिश्तेदार नरेश अग्रवाल के मुताबिक, गोदाम में 20 से 25 लाख रुपये का सामान रखा था, जो जलकर खाक हो गया।
गोदाम की दीवार से सटे कई मकानों की दीवारों तक में आग की वहज से दरार पड़ गई । पड़ोस में रहने वाली सावित्री तो टिन शर्ट गिरने की वजह से घायल हो गई। पड़ोस में रहने वाली 80 वर्षीय मुन्नी दीवार के ईंट गिरने से घायल हो गईं।
इसी तरह पड़ोसी गोविंद प्रसाद, बृजलाल, मुन्ना ला, किशन लाल, अजय सिंह, शिव पूजन के घर भी आग से प्रभावित हुये हैं।
गली में गोदाम से काफी दिक्कतों का हुआ सामना
नाका की गली में गोदाम होने की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दमकल की गाड़ी वहां तक किसी तरह पहुंची तो मुड़कर लौटने में उसे घंटों लग गये।
वहीं लोगों भी भीड़ भी उनके लिये मुसीबत से कम नहीं थे। तीन घंटे तक वहां अफरातफरी का माहौल रहा।
सिगरेट से आग लगने की संभावना
नरेश अग्रवाल ने बताया पिछले दो-तीन दिनों से वहां मजदूर काम रह थे। संभावना है किसी मजदूर ने वहां सिगरेट पीने के बाद फेंक दिया होगा।
इससे वहां से फार्म सुलग उठा और फिर आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं दमकल कर्मियों ने शार्ट सर्किट से आग लगने की संभावना से भी इन्कान नहीं किया है। देर रात तक आग लगने के असली कारणों का पता नहीं लग सका है।
बुझाने के बाद भी कई बार भड़की आग
प्लाटिक का सामान, लकड़ियां और फार्म के गद्दे होने की वजह से देर रात तक आग कई बाद बुझाई गई। इसके बाद भी कई बार आग दोबारा भड़क उठी। इससे लोगों में दहशत बनी रही। वहां से हटने के बाद भी कई बार दमकल की गाड़ियों को वहां तक जाना पड़ा।
फायर फाइटिंग के वहां कोई इंतजाम नहीं
तंग गली में गोदाम होने के बावजूद वहां फायर फाइटिंग के कोई इंतजाम नहीं थे। आस-पास के लोगों में इस बात का आक्रोश है कि पहले भी इस क्षेत्र में कई बार आग लग चुकी है।
इसके बावजूद वहां पर फायर ब्रिगेड और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि आस-पास के किसी भी गोदाम, आरा मशीन व टिंबर स्टोर में फायर फाइटिंग के इंतजाम नहीं हैं। आग से कई बार लोग झुलस चुके हैं और जान तक जा चुकी है।