इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के गोदाम में भयंकर आग, देर तक हुए धमाके
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महानगर के जे-पार्क के सामने साहू एजेंसी का इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स का गोदाम रविवार दोपहर धधक उठा। आग फैलते ही एजेंसी के ऑटोमेटिक दरवाजे लॉक हो गए।
तीन मंजिला गोदाम में फंसे 50 कर्मचारियों ने बमुश्किल पीछे के आपातकालीन गेट से बाहर निकले और अपनी जान बचाई। थोड़ी ही देर में गोदाम में रखे फ्रिज व एसी के कंप्रेशर में धमाके होने लगे। आग बुझाने की कोशिश में वाहन चालक झुलस गया।
छह घंटे तपती तीन मंजिला इमारत का पिछला हिस्सा शाम करीब 7.15 बजे ढह गया। आग इतनी विकराल हो गई कि 30 दमकलों को लगाया गया। इसके बावजूद रात 10 बजे तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान लगाया जा रहा है।
नीरज साहू के साहू एजेंसी के गोदाम में दोपहर करीब एक बजे आग लग गई। सीएफओ अभयभान पांडेय ने बताया कि दमकल दस्ते के पहुंचने से पहले आग पूरे गोदाम में फैल चुकी थी। ऊंची लपटों के साथ धमाके हो रहे थे।
गोदाम में घुसने के लिए जेसीबी से तोड़ी गई दीवार
हजरतगंज, गाजीपुर, आलमबाग, चौक के साथ बीकेटी फायर स्टेशन व निजी कंपनियों के 30 दमकल गाड़ियां भेजी गईं। बेसमेंट, भूतल व प्रथम तल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खचाखच भरा था। गोदाम में घुसने का कोई रास्ता नजर न आने पर जेसीबी की मदद से पिछली दीवार तोड़ी गई।
इमारत को चारों तरफ से घेरकर आग बुझाने की कोशिशें हुईं पर देर रात तक आग बुझाने में कामयाबी नहीं मिली।
लोडर चालक झुलसा
दिवाली पर गोदाम से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खेप उठाने पहुंचे लोडर चालक जगदीश जोखिम उठाते हुए प्रथम तल पर चढ़कर आग बुझाने की कोशिश करने लगा। इस बीच कंप्रेशर फटने के साथ आग की लपटों ने उसे चपेट में ले लिया। बायां हाथ झुलसते ही जगदीश जान बचाकर भागा।
दहशत में आसपास के घर खाली
गोदाम से उठ रहे काले धुएं को आसमान छूते देख आसपास के लोग अपने घरों से निकल आए। ऊंची लपटों के साथ धमाकों ने उन्हें दहला दिया। इमारत से सटे महावीर ट्रस्ट की दो मंजिला इमारत में रहने वाले जगदंबा पुजारी, अजय शंकर, आकाशदीप, छोटकन्ने, राकेश समेत आठ परिवारों ने आननफानन में कीमती सामान बटोरा और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।