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राजकीय निर्माण निगम के जेई पर 53 लाख रुपये हड़पने का मुकदमा
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लखनऊ। राजकीय निर्माण निगम के जेई ने लखनऊ कंस्ट्रक्शन फर्म के संचालक से 53 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने इंदिरानगर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि आर्थिक दिक्कतों का हवाला देकर रुपये लिए थे और बाद में वापस करने से मुकर गए। पीड़ित ने एडीसीपी उत्तरी से शिकायत की जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर डॉ. रामफल के मुताबिक, ऐशबाग मोतीझील निवासी अब्दुल कादिर की लखनऊ कंस्ट्रक्शन के नाम से निर्माण कार्य की फर्म है। अब्दुल के मुताबिक, राजकीय निर्माण निगम के लखीमपुर शाखा में सुशील कुमार वर्मा जेई के पद पर तैनात हैं। वह इंदिरानगर के फरीदीपुर में रहते हैं। काम के सिलसिले में अब्दुल की जेई से अक्सर मुलाकात होती थी। इस दौरान सुशील ने आर्थिक दिक्कतों का हवाला देकर अब्दुल से 34 लाख रुपये लिए थे। पीड़ित के मुताबिक, जेई ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए काम दिलाने का भरोसा दिया था।
निगम से कई काम दिलाया, भुगतान नहीं किया
अब्दुल के मुताबिक, रुपये हासिल करने के बाद सुशील ने जिला सहकारी बैंक नीमगांव में नया भवन बनाने, जिला सहकारी मैगलगंज में पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत, देवकाली मंदिर में इंटरलॉकिंग और मोहम्मदी ब्लॉक में सीएचसी में काम करने का वर्क आर्डर अब्दुल को दिया था। इसे पूरा करने में करीब 19 लाख रुपये खर्च हुए थे लेकिन यह रुपये भी उन्हें नहीं मिले। तकादा करने पर सुशील ने पीएनबी इंदिरानगर ब्रांच के चेक दिए थे जो बाउंस हो गए। परेशान होकर अब्दुल कादिर ने एडीसीपी प्रार्ची सिंह से शिकायत की जिस पर इंदिरानगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर डॉ. रामफल के मुताबिक, ऐशबाग मोतीझील निवासी अब्दुल कादिर की लखनऊ कंस्ट्रक्शन के नाम से निर्माण कार्य की फर्म है। अब्दुल के मुताबिक, राजकीय निर्माण निगम के लखीमपुर शाखा में सुशील कुमार वर्मा जेई के पद पर तैनात हैं। वह इंदिरानगर के फरीदीपुर में रहते हैं। काम के सिलसिले में अब्दुल की जेई से अक्सर मुलाकात होती थी। इस दौरान सुशील ने आर्थिक दिक्कतों का हवाला देकर अब्दुल से 34 लाख रुपये लिए थे। पीड़ित के मुताबिक, जेई ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए काम दिलाने का भरोसा दिया था।
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निगम से कई काम दिलाया, भुगतान नहीं किया
अब्दुल के मुताबिक, रुपये हासिल करने के बाद सुशील ने जिला सहकारी बैंक नीमगांव में नया भवन बनाने, जिला सहकारी मैगलगंज में पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत, देवकाली मंदिर में इंटरलॉकिंग और मोहम्मदी ब्लॉक में सीएचसी में काम करने का वर्क आर्डर अब्दुल को दिया था। इसे पूरा करने में करीब 19 लाख रुपये खर्च हुए थे लेकिन यह रुपये भी उन्हें नहीं मिले। तकादा करने पर सुशील ने पीएनबी इंदिरानगर ब्रांच के चेक दिए थे जो बाउंस हो गए। परेशान होकर अब्दुल कादिर ने एडीसीपी प्रार्ची सिंह से शिकायत की जिस पर इंदिरानगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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