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कर्मचारियों ने कंपनी का माल बेच कर 40 लाख किया गबन, दो युवतियों समेत 9 पर केस
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निजी कंपनी के ठग कर्मचारियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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हसनगंज के निरालानगर स्थित अनुना एजुकेशन नेटवर्क प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों ने लाखों का माल बेच दिया।
नुकसान की जानकारी पर कंपनी ने जांच करवाई तो सामने आया कि वेयर हाउस में बैठने वाले कर्मचारियों ने अपने नाम से आईडी बनाकर लाखों का माल बेचा है।
कंपनी के एचआर जीवन सिंह बिष्ट ने हसनगंज थाने में दो युवतियों समेत नौ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया।
एचआर जीवन सिंह बिष्ट ने बताया कि कंपनी में चिकनकारी वस्तुएं, हैंडक्राफ्ट समेत अन्य सामान मिलता है। कंपनी के मालिक न्यू हैदराबाद निवासी अमित इकबाल श्रीवास्तव व रूबी श्रीवास्तव हैं।
जीवन ने बताया कि निरालानगर कंपनी के साथ ऑनलाइन सेल भी की जाती है। वेयर हाउस में बैठने वाले सभी कर्मचारी कंपनी की आईडी से ही सामान भेजते थे।
बीते कुछ महीनों से कंपनी का टर्नओवर कम हो गया था, वहीं वेयर हाउस में माल घट रहा था। गोपनीय जांच करवाई तो पता चला कि वेयर हाउस में बैठने वाले कर्मचारी ने अपने नाम से आईडी बनाकर ऑनलाइन सामान बेच रहे हैं।
अब तक 40 लाख रुपये का माल बेच दिया है। इस पर तहरीर दी गई। प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सोनकर के मुताबिक, दो युवतियों समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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इन पर दर्ज हुआ केस
उत्कर्ष कश्यप, स्नेहा शुक्ला, हर्षित अवस्थी, प्रगति श्रीवास्तव, श्रेय खरे, धर्मेंद्र गुप्ता, रामेंद्र त्रिपाठी, अयाज खान, अमन समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कोरोना काल से शुरू हुआ था फ्रॉड
कंपनी की मालिक रूबी श्रीवास्तव ने बताया कि मूल रूप से अमेरिका की रहने वाली हैं। अमेरिका से लखनऊ आया-जाया करती हैं। उत्कर्ष ने ही काम शुरू किया था। कोविड के दौरान उत्कर्ष की दोस्ती प्रगति से हो गई। दोनों ने मिलकर जालसाजी शुरू की थी। जालसाजी में पोस्ट ऑफिस की दो कर्मचारियों भी साथ देती थीं। दोनों उत्कर्ष को एक ही माल की कई रसीदें दे देती थीं। रूबी ने मामले की जांच करवाई। इसके बाद पोस्टऑफिस में भी शिकायत की। अलीगंज पोस्टमास्टर मनीष रंजन के मुताबिक मल्टीपल रसीदों की शिकायत आई थी। मामले की जांच की जा रही है।
ऑनलाइन कंपनी की ओर से रकम कटने पर हुई जानकारी
रूबी ने बताया कि ऑनलाइन कंपनी ज्यादातर माल की रकम पहले ेलेकर भेज देती थी। ऐसे में उनको सिर्फ माल भेजना रहता था, लेकिन काफी समय से माल का भेजा हुआ रुपया कटने लगा। उनका खाता निगेटिव में चला गया। इसके बाद जांच करवाई तो पूरी जालसाजी समझ आई।
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नुकसान की जानकारी पर कंपनी ने जांच करवाई तो सामने आया कि वेयर हाउस में बैठने वाले कर्मचारियों ने अपने नाम से आईडी बनाकर लाखों का माल बेचा है।
कंपनी के एचआर जीवन सिंह बिष्ट ने हसनगंज थाने में दो युवतियों समेत नौ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया।
एचआर जीवन सिंह बिष्ट ने बताया कि कंपनी में चिकनकारी वस्तुएं, हैंडक्राफ्ट समेत अन्य सामान मिलता है। कंपनी के मालिक न्यू हैदराबाद निवासी अमित इकबाल श्रीवास्तव व रूबी श्रीवास्तव हैं।
जीवन ने बताया कि निरालानगर कंपनी के साथ ऑनलाइन सेल भी की जाती है। वेयर हाउस में बैठने वाले सभी कर्मचारी कंपनी की आईडी से ही सामान भेजते थे।
बीते कुछ महीनों से कंपनी का टर्नओवर कम हो गया था, वहीं वेयर हाउस में माल घट रहा था। गोपनीय जांच करवाई तो पता चला कि वेयर हाउस में बैठने वाले कर्मचारी ने अपने नाम से आईडी बनाकर ऑनलाइन सामान बेच रहे हैं।
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अब तक 40 लाख रुपये का माल बेच दिया है। इस पर तहरीर दी गई। प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सोनकर के मुताबिक, दो युवतियों समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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इन पर दर्ज हुआ केस
उत्कर्ष कश्यप, स्नेहा शुक्ला, हर्षित अवस्थी, प्रगति श्रीवास्तव, श्रेय खरे, धर्मेंद्र गुप्ता, रामेंद्र त्रिपाठी, अयाज खान, अमन समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कोरोना काल से शुरू हुआ था फ्रॉड
कंपनी की मालिक रूबी श्रीवास्तव ने बताया कि मूल रूप से अमेरिका की रहने वाली हैं। अमेरिका से लखनऊ आया-जाया करती हैं। उत्कर्ष ने ही काम शुरू किया था। कोविड के दौरान उत्कर्ष की दोस्ती प्रगति से हो गई। दोनों ने मिलकर जालसाजी शुरू की थी। जालसाजी में पोस्ट ऑफिस की दो कर्मचारियों भी साथ देती थीं। दोनों उत्कर्ष को एक ही माल की कई रसीदें दे देती थीं। रूबी ने मामले की जांच करवाई। इसके बाद पोस्टऑफिस में भी शिकायत की। अलीगंज पोस्टमास्टर मनीष रंजन के मुताबिक मल्टीपल रसीदों की शिकायत आई थी। मामले की जांच की जा रही है।
ऑनलाइन कंपनी की ओर से रकम कटने पर हुई जानकारी
रूबी ने बताया कि ऑनलाइन कंपनी ज्यादातर माल की रकम पहले ेलेकर भेज देती थी। ऐसे में उनको सिर्फ माल भेजना रहता था, लेकिन काफी समय से माल का भेजा हुआ रुपया कटने लगा। उनका खाता निगेटिव में चला गया। इसके बाद जांच करवाई तो पूरी जालसाजी समझ आई।