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UP News: जाली दस्तावेज लगाकर बना सिपाही, दर्ज हुई एफआईआर, जांच में मिले दो-दो जन्म, शैक्षिक व जाति प्रमाण
Sat, 03 Jun 2023 10:19 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 03 Jun 2023 10:19 AM IST
सार
जाली दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने वाले सिपाही के खिलाफ कई गंभीर धाराओं के मुकदमा दर्ज किया गया है। युवक ने 2015 में सीधी भर्ती में पुराना छिपाया और नया प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Istock
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विस्तार
पुलिस भर्ती बोर्ड ने सीतापुर में तैनात एक सिपाही के खिलाफ लखनऊ के हुसैनगंज थाने में कूटरचित दस्तावेज लगाने, फर्जीवाड़ा करने सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है। आरोपी सिपाही संतोष कुमार के खिलाफ पिछले साल अगस्त में शिकायत हुई थी। जिसकी जांच कमेटी ने किया तो उसके पास दो-दो दस्तावेज होने का खुलासा हुआ। जिसके बाद बोर्ड के अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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मूलरूप से पीलीभीत के भगवंतपुर का रहने वाला संतोष कुमार ने पुलिस आरक्षी एवं पीएसी के पदों की सीधी भर्ती 2015 में आवेदन किया था। उसका चयन भी हो गया। वर्तमान में उसकी तैनाती सीतापुर में है। 22 अगस्त 2022 को आनंदपुर उर्फ भगवंतपुर के किशन लाल ने भर्ती बोर्ड को एक शिकायती पत्र भेजा। जिसमें संतोष के पास शैक्षिक, जन्म व जाति प्रमाण के दो-दो प्रति होने की शिकायत की। इसकी जानकारी होने पर भर्ती बोर्ड के अधिकारियों ने कमेटी का गठन किया। जिसमें शिकायत सही पाई गई।
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दस साल के अंतर पर दो प्रमाण पत्र
कमेटी की जांच में सामने आया कि संतोष कुमार के पास दो-दो प्रमाण पत्र हैं। संतोष ने हाईस्कूल 2003 व इंटर की परीक्षा 2005 में पास किया है। वहीं उसके जन्म प्रमाण में 8 अप्रैल 1986 दर्ज है। जबकि संतोष ने जो प्रमाण पत्र भर्ती होने के लिए लगाया है। उसमें जन्मतिथि 16 जुलाई 1996, हाईस्कूल 2013 और इंटर की परीक्षा 2015 में पास दिखाया गया है। वहीं उसने पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र लगाया जबकि शिक्षा विभाग से रिटायर उसके पिता के अभिलेखों में अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लगा है। हुसैनगंज पुलिस ने आरोपी के पीलीभीत का होने के कारण मामले को ट्रांसफर करने के लिए अपनी रिपोर्ट भी मुख्यालय भेज दी है।