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एलडीए को लगाया करोड़ों का चूना
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लखनऊ। बसंतकुंज योजना का सीवेज ट्रीटमेंट का ठेका लेेने वाली ज्योति बिल्टेक प्रा. लि. ने एलडीए को फर्जी गारंटी पत्र लगाकर दो करोड़ का चूना लगा दिया। एलडीए की तरफ से गारंटी की धनराशि भुगतान करने के लिए बैंक को पत्र भेजा गया तो फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। इसकेबाद जोन-7 के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार शर्मा ने गोमतीनगर थाने में सोमवार को मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
गोमतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार के मुताबिक, एलडीए ने साल 2009 में बसंतकुंज योजना में सीवेज ट्रीटमेंट का ठेका ज्योति बिल्टेक प्रा. लि. को दिया गया था। इस दौरान फर्म के प्रोपराइटर सरदार चरनजीत सिंह ने गारंटी केलिए इंडियन मक्रेनटाइल कोऑपरेटिव बैंक लि. नोएडा लगाया था। आरोप है कि कुछ दिन बाद चरनजीत सिंह ने गारंटी बदलकर चार्टेड मर्केनटाइल एमबी लि. सुल्तानगंज लालबाग की लगा दी थी। बैंक को बताया था कि इसकी वैधता साल 2018 बताई गई थी। इसके बाद एलडीए ने गारंटी की धनराशि निकालने के लिए बैंक को पत्र लिखा।
बैंक की तरफ से बताया गया कि फर्म की तरफ से जो गारंटी दी गई थी, वह अवैध है। बैंक की तरफ से कहा गया कि उपरोक्त फर्म को साल 2009 से साल 2020 तक ब्याज केसाथ पांच करोड़ 83 लाख रुपये नहीं जमा कर देती है, तब तक चरनजीत सिंह द्वारा दिए गए चेकों का भुगतान नहीं किया जाएगा। एलडीए की तरफ से कई बार फर्म को पत्र लिखकर कहा गया कि गारंटी जमा कर दीजिये। बावजूद इसकेचरनजीत ने कोई जवाब नहीं दिया। एलडीए का आरोप है कि चरनजीत सिंह ने एलडीए को दो करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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गोमतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार के मुताबिक, एलडीए ने साल 2009 में बसंतकुंज योजना में सीवेज ट्रीटमेंट का ठेका ज्योति बिल्टेक प्रा. लि. को दिया गया था। इस दौरान फर्म के प्रोपराइटर सरदार चरनजीत सिंह ने गारंटी केलिए इंडियन मक्रेनटाइल कोऑपरेटिव बैंक लि. नोएडा लगाया था। आरोप है कि कुछ दिन बाद चरनजीत सिंह ने गारंटी बदलकर चार्टेड मर्केनटाइल एमबी लि. सुल्तानगंज लालबाग की लगा दी थी। बैंक को बताया था कि इसकी वैधता साल 2018 बताई गई थी। इसके बाद एलडीए ने गारंटी की धनराशि निकालने के लिए बैंक को पत्र लिखा।
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बैंक की तरफ से बताया गया कि फर्म की तरफ से जो गारंटी दी गई थी, वह अवैध है। बैंक की तरफ से कहा गया कि उपरोक्त फर्म को साल 2009 से साल 2020 तक ब्याज केसाथ पांच करोड़ 83 लाख रुपये नहीं जमा कर देती है, तब तक चरनजीत सिंह द्वारा दिए गए चेकों का भुगतान नहीं किया जाएगा। एलडीए की तरफ से कई बार फर्म को पत्र लिखकर कहा गया कि गारंटी जमा कर दीजिये। बावजूद इसकेचरनजीत ने कोई जवाब नहीं दिया। एलडीए का आरोप है कि चरनजीत सिंह ने एलडीए को दो करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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