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LU में रैगिंग: 15 पीड़ित और 11 आरोपी छात्र सस्पेंड, हॉस्टल के रूम भी सील

Wed, 07 Feb 2018 02:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 07 Feb 2018 02:30 AM IST
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FIR against 17 students in the allegation of ragging
लखनऊ विश्वविद्यालय के आईएमएस हॉस्टल में रै‌गिंग के बाद बाहर निकलते छात्र (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार आधी रात हुई रैगिंग के बाद चार अलग-अलग मामलों की बात कहते हुए कुल 26 विद्यार्थियों को निलंबित कर दिया है। इन 26 में से 15 वे छात्र हैं जो रैगिंग के पीड़ित हैं। 11 आरोपियों को भी सस्पेंड किया गया है। पर आरोपियों के खिलाफ विश्वविद्यालय ने मुकदमा नहीं कराया। इन सभी के हॉस्टल के कमरे सील कर दिए गए। सभी को तीन दिन में अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इस दौरान सबका विवि में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। विवि की इस कार्रवाई से पीड़ित छात्रों में गुस्सा है।

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 लखनऊ विश्वविद्यालय में नए परिसर स्थित आईएमएस हॉस्टल में रविवार आधी रात में घुसकर रैगिंग का मामला सामने आया था। हॉस्टल के बीबीए विद्यार्थियों का कहना था कि सीनियर्स ने उनकी रैगिंग ली, अश्लील हरकतें कराईं। विरोध करने पर पीटा। बचाव करने आए एमबीए फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स की भी पिटाई की। मामला यूजीसी की हेल्पलाइन नंबर और पुलिस तक पहुंचने के बाद लविवि प्रशासन जागा। लविवि प्रॉक्टर प्रो.विनोद सिंह 26 छात्रों के निलंबन में कुल चार घटनाओं का जिक्र किया है। निलंबित छात्रों में से कई का नाम एक से अधिक मामलों में है।
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क्या कहता है नियम
रैगिंग की शिकायत मिलने पर केस दर्ज कराया जाए। पर, विवि पहले कराएगा जांच
विवि प्रशासन ने मामले की रिपोर्ट पुलिस को भेज दी है। फिलहाल एफआईआर की संस्तुति नहीं की है। मामले की जांच करने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाने की बात कही जा रही है।
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पीड़ित बोले-ये कैसा इंसाफ...आज कुलपति से मिलेंगे
जूनियर छात्रों के निलंबन के बाद आईएमएस हॉस्टल में आक्रोश व्याप्त है। बीबीए व एमबीए प्रथम वर्ष के छात्रों का कहना है कि वे बुधवार को कुलपति से मिलकर अपनी बात रखेंगे। पीड़ित छात्रों को ही निलंबित करके लविवि ने सही नहीं किया। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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