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सूबे में फिल्म निर्माण को प्रमोट करने के लिए फिल्म-टेलीविजन एवं लिबरल आर्ट्स संस्थान की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राजधानी के अवध विहार योजना में 40 एकड़ भूमि आवंटित किया जाएगा।
इसके लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, नवंबर में इस संस्थान के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने यहां शास्त्री भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संस्थान से संबंधित शिक्षण कार्य दिसंबर से शुरू करने के लिए किसी अस्थाई परिसर की तलाश की जाए।
उन्होंने चार चरणों में होने वाले संस्थान से संबंधित कार्यों के लिए सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए सलाहकार की नियुक्ति करने को भी कहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान की स्थापना से प्रदेश की सांस्कृतिक, पौराणिक, ऐतिहासिक विरासत एवं गौरवशाली परंपरा को देश व विदेश में जहां प्रचारित व प्रसारित करने के अवसर प्राप्त होंगे।
साथ ही प्रदेश में अभिनय व फिल्म निर्माण के क्षेत्र में प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे और सूबे में अतिरिक्त पूंजी निवेश की भी संभावना बढ़ेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वायत्तशासी संस्था के रूप में स्थापित होने वाली फिल्म-टेलीविजन एवं लिबरल आर्ट्स संस्थान के जरिए प्रदेश में रोजगार सृजन के और अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
अब यूपी में ही सीख सकेंगे फिल्म प्रोडक्शन की विधा
फिल्म प्रोडक्शन के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की चाह रखने वाले यूपी के युवाओं को ट्रेनिंग के लिए दूसरे सूबों में भटकने के जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत ऐसे लोगों की सूबे में ही फिल्म प्रोडक्शन से संबंधित विभिन्न विधाओं की ट्रेनिंग दिलाने का फैसला किया गया है।
इसके लिए मिशन ने नोयडा की बैग फिल्म मीडिया लिमिटेड कंपनी से ट्रेनिंग पार्टनर के तौर पर अनुबंध किया है।
दरअसल फिल्म प्रोडक्शन के क्षेत्र में रोजगार की आपार संभावनाओं और यूपी में मैनपावर की उपलब्धता को देखते हुए कौशल विकास मिशन ने इस क्षेत्र में युवाओं को ट्रेनिंग दिलाने का निर्णय लिया है।
शुरूआत में करीब 2,000 युवाओं को ट्रेनिंग दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चयनित लोगों को फिलहाल फिल्म प्रोडक्शन से संबधित 6 कोर्स में ट्रेनिंग दी जाएगी। अलग-अलग कोर्स में 90 घंटे से लेकर 550 घंटे तक की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
इस ट्रेनिंग की खास बात यह होगी कि ट्रेंड युवकों को केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली संस्था ‘नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंगं’ (एनसीवीटी) द्वारा सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। अब तक ट्रेनिंग देने वाली कंपनी ही सर्टिफिकेट देती थीं।
एमओयू के तहत ट्रेनिंग पूरा कराने के बाद कंपनी को ट्रेंड लोगों में से 70 प्रतिशत का प्लेसमेंट कराना होगा। इसमें से 35 प्रतिशत को तो किसी न किसी संस्थान या प्रोडक्शन हाउस में परमानेंट नौकरी दिलाना अनिवार्य होगा। जबकि 35 प्रतिशत को सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के तौर पर रोजगार मुहैया कराना होगा।
इन कोर्स में दी जाएगी ट्रेनिंग
असिस्टेंट वीडियो एडीटर, डिजिटल कैमरा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग, लाइटिंग असिस्टेंट व मॉस कम्यूनिकेशन।