अमिताभ ठाकुर मामले में होगी मुलायम के खिलाफ FIR
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निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी देने के आरोपों के मामले में कोर्ट ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने अमिताभ ठाकुर की अर्जी को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। सीजेएम सोमप्रभा मिश्रा ने हजरतगंज थानाध्यक्ष को आदेश दिया कि समुचित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की विवेचना करें और कोर्ट को अवगत कराएं।
सीजेएम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में जान से मारने की धमकी देने का संज्ञेय अपराध प्रकट होता है।
संज्ञेय अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस का रिपोर्ट दर्ज करना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मद्देनजर अर्जी स्वीकार किए जाने योग्य है।
अमिताभ पर जसराना में हुआ था कातिलाना हमला
अमिताभ ठाकुर की ओर से वकील अखिलेश अवस्थी ने अर्जी देकर बताया 10 जुलाई को वादी के मोबाइल पर फोन आया तथा कहा गया कि मुलायम सिंह बात करना चाहते हैं। आरोप लगाया गया कि मुलायम सिंह ने वादी से कहा कि जसराना वाली घटना भूल गए अब आपके साथ वही करना पड़ेगा।
बताया गया कि उ.प्र. सूचना डायरी में देखने पर पता चला कि जिस नंबर से फोन आया वह नंबर मुलायम सिंह का है और वह मुलायम की आवाज को भी पहचानता है।
अर्जी में जसराना की घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि वादी वर्ष 2006 में फीरोजाबाद में बतौर एसपी तैनात था। उस समय मुलायम के समधी रामवीर के समर्थकों ने उन पर कातिलाना हमला किया था।
बताया गया तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के मना करने के बावजूद अमिताभ ने घटना की रिपोर्ट एका थाने में दर्ज कराई थी।
इसी अर्जी में बताया गया कि वादी की पत्नी ने मौजूदा सरकार में मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ गोमती नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिस कारण मुलायम सिंह ने वादी को धमकी दी।