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यूपी के पचास लाख परिवारों को मिलेगा जल कनेक्शन : शेखावत
Sun, 07 Feb 2021 09:26 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 07 Feb 2021 09:26 AM IST
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
- फोटो : ANI
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत आगामी वित्त वर्ष में यूपी के 50 लाख 45 हजार परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। वहीं बजट में यूपी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए एक लाख 91 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बजट 2021-22 से उत्तर प्रदेश में नई रेल परियोजनाएं शुरू होने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, जल संसाधन, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में विकास होगा।
शेखावत ने शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूपी में जलजीवन मिशन में 2.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 5.16 लाख ग्रामीण घरों में ही नल कनेक्शन दिया था। लेकिन, बीते चार वर्ष में 23 लाख 77 हजार घरों में नल कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर घर जल के लिए बजट में 50 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें से 5500 करोड़ रुपये यूपी को दिए जाएंगे। इससे 50 लाख 45 हजार परिवारों को पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे।
इस वर्ष शुरू होगा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण
शेखावत ने बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी 2021 में शुरू किया जाएगा। वहीं यूपी में 4529 किमी लंबी सड़कों के लिए 84 हजार 441 करोड़, आगरा मेट्रो के लिए 1172 करोड़, कानपुर मेट्रो के लिए 1562 करोड़ रुपये, 22 किमी लंबे अलीगढ़-हरदुआगंज फ्लाईओवर के लिए 1273 करोड़ और दिल्ली से गाजियाबाद व मेरठ को जोड़ने के लिए रिजनल रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए 4472 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी में सहारनपुर, मुजफ्फर नगर, मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा, दादरा, अलीगढ़ में करीब 1051 किलोमीटर लंबा होगा। इसके लिए 1 लाख 10 हजार करोड़ का प्रावधान है। वहीं बजट में यूपी की रेल परियोजनाओं के लिए 8590 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यूपी के सभी 75 जिलों में इंटीग्रेटेड लैब की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी घटी
शेखावत ने कहा कि इस वर्ष केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी करीब 21 हजार करोड़ रुपये घटी है। 2020-21 में केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी 98,618 करोड़ रुपये थी। 2021-22 में केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी को 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपये अनुमानित की गई है।
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शेखावत ने शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूपी में जलजीवन मिशन में 2.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 5.16 लाख ग्रामीण घरों में ही नल कनेक्शन दिया था। लेकिन, बीते चार वर्ष में 23 लाख 77 हजार घरों में नल कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर घर जल के लिए बजट में 50 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें से 5500 करोड़ रुपये यूपी को दिए जाएंगे। इससे 50 लाख 45 हजार परिवारों को पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे।
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इस वर्ष शुरू होगा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण
शेखावत ने बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी 2021 में शुरू किया जाएगा। वहीं यूपी में 4529 किमी लंबी सड़कों के लिए 84 हजार 441 करोड़, आगरा मेट्रो के लिए 1172 करोड़, कानपुर मेट्रो के लिए 1562 करोड़ रुपये, 22 किमी लंबे अलीगढ़-हरदुआगंज फ्लाईओवर के लिए 1273 करोड़ और दिल्ली से गाजियाबाद व मेरठ को जोड़ने के लिए रिजनल रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए 4472 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी में सहारनपुर, मुजफ्फर नगर, मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा, दादरा, अलीगढ़ में करीब 1051 किलोमीटर लंबा होगा। इसके लिए 1 लाख 10 हजार करोड़ का प्रावधान है। वहीं बजट में यूपी की रेल परियोजनाओं के लिए 8590 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यूपी के सभी 75 जिलों में इंटीग्रेटेड लैब की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी घटी
शेखावत ने कहा कि इस वर्ष केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी करीब 21 हजार करोड़ रुपये घटी है। 2020-21 में केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी 98,618 करोड़ रुपये थी। 2021-22 में केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी को 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपये अनुमानित की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सुविधा में बढ़ोत्तरी और किसान के बेटे को उद्यमी बनाने वाला बजट
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आम बजट को इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने तथा किसान के बेटे को उद्यमी बनाने वाला बजट करार दिया है। जलशक्ति मंत्री शनिवार को भाजपा लखनऊ महानगर-जिला इकाई द्वारा केंद्रीय बजट पर विश्वेसरैया सभागार में आयोजित संगोष्ठी में यह बात कही। संगोष्ठी का विषय- लोक कल्याणकारी केंद्रीय बजट रखा गया था।
शेखावत ने कहा कि देश की कुल आबादी का 55 फीसदी भाग आज भी खेती पर ही आश्रित है। अनाज, फल-सब्जी, गन्ना और चीनी उत्पादन में भारत विश्व के शीर्ष स्थानों में शामिल है, लेकिन कृषि उत्पाद प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भारत की भागीदारी सिर्फ दो फीसदी ही है।70 साल में किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया इसकी वजह वह आज भी संकट में है। इस बजट में यह प्रयास किया गया कि किसान न सिर्फ कृषि में सशक्त हो बल्कि उसका बेटा उद्यमी भी बन सके। यह कहना गलत है कि मंडियां समाप्त हो रही हैं।
इसके बजाय मंडियों को आधुनिक बनाकर ऑनलाइन किया जा रहा है। संगोष्ठी में महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने उपस्थित सभी मंत्री, विधायक, प्रदेश, क्षेत्रीय व महानगर पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, यूपी के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, महापौर संयुक्ता भाटिया सहित प्रबुद्धजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महामारी के बावजूद नहीं कम हुआ बजट का आकार
शेखावत के अनुसार कोरोना की विषम परिस्थितियों को भी हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया और हमने अपने देशवासियों के जीवन की सुरक्षा के लिए काम किया। लोगों का आंकलन था कि इस वजह से बजट का आकार कम होगा पर ऐसा नहीं हुआ। दुनिया के लगभग डेढ़ सौ देशों को दवाइयां भेजकर सहयोग प्रदान किया है। दुनिया की सबसे सस्ती और प्रभावशाली वैक्सीन बनाई और सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक जारी किया।
शेखावत ने कहा कि देश की कुल आबादी का 55 फीसदी भाग आज भी खेती पर ही आश्रित है। अनाज, फल-सब्जी, गन्ना और चीनी उत्पादन में भारत विश्व के शीर्ष स्थानों में शामिल है, लेकिन कृषि उत्पाद प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भारत की भागीदारी सिर्फ दो फीसदी ही है।70 साल में किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया इसकी वजह वह आज भी संकट में है। इस बजट में यह प्रयास किया गया कि किसान न सिर्फ कृषि में सशक्त हो बल्कि उसका बेटा उद्यमी भी बन सके। यह कहना गलत है कि मंडियां समाप्त हो रही हैं।
इसके बजाय मंडियों को आधुनिक बनाकर ऑनलाइन किया जा रहा है। संगोष्ठी में महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने उपस्थित सभी मंत्री, विधायक, प्रदेश, क्षेत्रीय व महानगर पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, यूपी के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, महापौर संयुक्ता भाटिया सहित प्रबुद्धजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महामारी के बावजूद नहीं कम हुआ बजट का आकार
शेखावत के अनुसार कोरोना की विषम परिस्थितियों को भी हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया और हमने अपने देशवासियों के जीवन की सुरक्षा के लिए काम किया। लोगों का आंकलन था कि इस वजह से बजट का आकार कम होगा पर ऐसा नहीं हुआ। दुनिया के लगभग डेढ़ सौ देशों को दवाइयां भेजकर सहयोग प्रदान किया है। दुनिया की सबसे सस्ती और प्रभावशाली वैक्सीन बनाई और सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक जारी किया।