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पिस्टल-रिवॉल्वर रखने का शौक पड़ेगा महंगा, जेब में रखनी होगी ये भारी भरकम कीमत
Sat, 17 Nov 2018 01:07 PM IST
Trainee Trainee
ज्ञान सक्सेना, अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान सक्सेना, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:07 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
पिस्टल-रिवॉल्वर रखने का शौक अब महंगा पड़ेगा। इसके लाइसेंस के लिए डेढ़ लाख से अधिक की रकम सरकारी खजाने में जमा करानी होगी। आवेदकों पर 50 हजार की एनएससी खरीद, रायफल क्लब, स्टांप फीस, जिला क्रीड़ा समिति शुल्क व रेडक्रॉस शुल्क का भार बढ़ाया गया है।
वहीं, डबल बैरल बंदूक पर 20 हजार और सिंगल बैरल बंदूक पर 10 हजार की एनएससी खरीद जरूरी है। शस्त्र लाइसेंस के लिए महज डेढ़ माह में 12 हजार से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं। बढ़ती भीड़ कम करने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग मदों में शुल्क बढ़ाने का उपाय निकाला है।
हालांकि प्रशासन के इस कदम से कई आवेदकों को झटका लगा है। अब उन्हें शस्त्र खरीद के साथ करीब 60 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च झेलना होगा। आवेदक इसे बहुत ज्यादा मान रहे हैं। वहीं, प्रभारी अधिकारी व एडीएम सिटी पश्चिमी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि जिन्होंने जरूरी दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए, उनके आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे।
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वहीं, डबल बैरल बंदूक पर 20 हजार और सिंगल बैरल बंदूक पर 10 हजार की एनएससी खरीद जरूरी है। शस्त्र लाइसेंस के लिए महज डेढ़ माह में 12 हजार से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं। बढ़ती भीड़ कम करने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग मदों में शुल्क बढ़ाने का उपाय निकाला है।
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हालांकि प्रशासन के इस कदम से कई आवेदकों को झटका लगा है। अब उन्हें शस्त्र खरीद के साथ करीब 60 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च झेलना होगा। आवेदक इसे बहुत ज्यादा मान रहे हैं। वहीं, प्रभारी अधिकारी व एडीएम सिटी पश्चिमी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि जिन्होंने जरूरी दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए, उनके आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे।
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... तो लोन लेकर खरीद लेंगे शस्त्र
डेमो
शस्त्र लाइसेंस के लिए दस्तावेजों की जांच के दौरान कई ऐसे आवेदक मिले, जिनके बैंक खाते में मात्र एक से डेढ़ हजार तक रुपये थे। बिना हैसियत प्रमाणपत्र जमा किए ऐसे आवेदकों से शस्त्र अनुभाग कर्मियों ने पूछा कि शस्त्र खरीदने को पैसा कहां से आएगा तो वे बोले, लोन ले लेंगे। आप बस फाइल आगे बढ़ा दीजिए, बाकी इंतजाम हो जाएगा।
अब आवेदकों को शस्त्र लाइसेंस के लिए नादरगंज स्थित फायरिंग रेंज जाकर टेस्ट देने की अनिवार्यता नहीं झेलनी पड़ेगी। लाइसेंस जारी किए जाने के बाद संबंधित को खाली शस्त्र से इसे चलाने, कारतूस लोड करने व लॉक व अनलॉक करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र लेना होगा।
व्यापारी, उद्यमी, बैंक संस्थागत, वित्तीय संस्थाएं, अपराध पीड़ित, विरासत, सैनिक, अर्धसैनिक, पुलिसकर्मी, विधायक, सांसद, प्रवर्तन कार्य में लगे कर्मी, राज्य स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
अब आवेदकों को शस्त्र लाइसेंस के लिए नादरगंज स्थित फायरिंग रेंज जाकर टेस्ट देने की अनिवार्यता नहीं झेलनी पड़ेगी। लाइसेंस जारी किए जाने के बाद संबंधित को खाली शस्त्र से इसे चलाने, कारतूस लोड करने व लॉक व अनलॉक करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र लेना होगा।
व्यापारी, उद्यमी, बैंक संस्थागत, वित्तीय संस्थाएं, अपराध पीड़ित, विरासत, सैनिक, अर्धसैनिक, पुलिसकर्मी, विधायक, सांसद, प्रवर्तन कार्य में लगे कर्मी, राज्य स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
यहां देखें, अलग-अलग पूरी कीमत
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