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इंजीनियरिंग कर रहे हैं, तो यहां देखिए कॉलेज की फीस
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 13 Aug 2013 08:35 AM IST
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प्रदेश के 182 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस तय कर दी गई है। यह फीस सत्र 2013-14 से 2015-16 के लिए तय की गई है।
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बड़े कॉलेजों में छात्रों को जहां 85 हजार से 95 हजार रुपये फीस देनी पड़ेगी, वहीं छोटे कॉलेजों में फीस 45 हजार से 60 हजार रुपये होगी। कॉलेज इसी सत्र से नई फीस लेंगे।
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राज्य सरकार के निर्देश पर गठित फीस निर्धारण कमेटी ने कॉलेज प्रबंधकों का पक्ष सुनने के बाद फीस निर्धारित की है। कमेटी ने केवल ट्यूशन फीस निर्धारित की है। कॉलेज प्रबंधन छात्रावास और मेस शुल्क अलग से ले सकेंगे।
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प्रदेश में मौजूदा समय करीब 712 इंजीनियरिंग और प्रबंधन कॉलेज हैं। इनमें बीटेक, एमबीए, एमसीए, होटल मैनेजमेंट, बीफार्मा और बीआर्क की प्रथम वर्ष की करीब 1,95,000 सीटें हैं।
निजी तकनीकी कॉलेजों में प्रवेश के लिए राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) आयोजित की जाती है। नया सत्र शीघ्र ही शुरू होने वाला है। फीस निर्धारण कमेटी ने नए सिरे से फीस तय करने के लिए निजी कॉलेजों से 15 अप्रैल 2013 तक प्रस्ताव मांगे थे।
इस पर 222 कॉलेजों ने प्रस्ताव दिया था। फीस निर्धारण कमेटी के सचिव डॉ. वीएस सिंह ने बताया कि 182 कॉलेजों की फीस तय कर दी गई है। शेष कॉलेजों की फीस तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार के निर्देश पर वर्ष 2004 में निजी कॉलेजों की फीस 63,400 रुपये निर्धारित की गई थी।
राज्य सरकार के निर्देश पर वर्ष 2008 में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा की अध्यक्षता में फीस निर्धारण कमेटी का गठन किया गया।
कमेटी फीस तय करती, इससे पहले निजी कॉलेज प्रबंधन पूर्व में निर्धारित फीस 63,400 को कम मानते हुए हाईकोर्ट चले गए।
वहां उन्हें राहत मिल गई और हाईकोर्ट ने 2009-10 सत्र में कॉलेजों को अधिकतम 75 हजार रुपये फीस लेने की इजाजत दे दी थी।